शाहजहांपुर: होमगार्ड ने पेश की इंसानियत की मिसाल, युवक की जान बचाते हुए दी अपनी जान
अमृत विचार, शाहजहांपुर। हुलासनगरा क्रासिंग में मीरानपुर कटरा थाने में तैनात होमगार्ड की ड्यूटी लगी थी। मंगलवार सुबह तकरीबन दस बजे बंद क्रासिंग से एक व्यक्ति दूसरी ओर जाने लगा। ट्रेन आती देखकर होमगार्ड ने पहले आवाज दी लेकिन युवक ने नहीं सुना। होमगार्ड ने दौड़कर उसे बचाने का प्रयास किया। युवक तो बच गया …
अमृत विचार, शाहजहांपुर। हुलासनगरा क्रासिंग में मीरानपुर कटरा थाने में तैनात होमगार्ड की ड्यूटी लगी थी। मंगलवार सुबह तकरीबन दस बजे बंद क्रासिंग से एक व्यक्ति दूसरी ओर जाने लगा। ट्रेन आती देखकर होमगार्ड ने पहले आवाज दी लेकिन युवक ने नहीं सुना। होमगार्ड ने दौड़कर उसे बचाने का प्रयास किया। युवक तो बच गया लेकिन ट्रेन की चपेट में आकर होमगार्ड की मौके पर मौत हो गई। शव रेलवे लाइन में पड़े होने के कारण लगभग 40 मिनट तक क्रासिंग बंद रही। इससे लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे-24 पर कई घंटे लंबा जाम लगा रहा।
थाना खुदागंज क्षेत्र के गांव कंधरापुर नवदिया के रहने वाले होमगार्ड अशोक श्रीवास्तव (50) की ड्यूटी मीरानपुर कटरा थाने में थी। मंगलवार सुबह सात बजे वह अपने घर से निकले और हुलासनगरा क्रासिंग पर आठ बजे पहुंच गए। नौ बजकर 40 मिनट पर 04431 कोविड-19 स्पेशल ट्रेन आ रही थी। क्रासिंग बंद होने की वजह से एक एक व्यक्ति पैदल क्रसिंग पार करने लगा। होमगार्ड अशोक उसे रोकने के लिये भागा। तभी सामने से आ रही ट्रेन की चपेट में होमगार्ड आ गया और उसकी मौके पर मौत हो गई।
शव रेलवे लाइन में पड़ा होने के कारण क्रासिंग लगभग चालीस मिनट तक बंद रही। इससे नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लगा रहा। पुलिस ने होमगार्ड के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तब जाकर क्रासिंग खोली गई। होमगार्ड के साथियों ने बताया कि वह बहुत ही सक्रियता से ड्यूटी करते थे।
