बरेली: शादी की खुशियों में कोरोना को दावत !
बरेली, अमृत विचार। करीब आठ महीने बाद देवउठानी एकादशी पर शहर में शहनाइयां बजीं। शहर के तमाम छोटे-बड़े मैरिज होम और होटलों में शादी के आयोजन हुए। जिला प्रशासन की शर्तों के साथ दी गई छूट का कहीं असर दिखा तो कहीं इन शर्तों की धज्जियां उड़ी। शादी की खुशी में कोविड-19 नियम दरकिनार कर …
बरेली, अमृत विचार। करीब आठ महीने बाद देवउठानी एकादशी पर शहर में शहनाइयां बजीं। शहर के तमाम छोटे-बड़े मैरिज होम और होटलों में शादी के आयोजन हुए। जिला प्रशासन की शर्तों के साथ दी गई छूट का कहीं असर दिखा तो कहीं इन शर्तों की धज्जियां उड़ी। शादी की खुशी में कोविड-19 नियम दरकिनार कर दिए गए।
वहीं, गली मोहल्लों की धर्मशालाओं के पास बैंड बाजे एवं घोड़ी के साथ जाते बाराती झूमते देखे गए। शादी की इस खुशी में कोविड-19 के नियमों को लोग भूल गए। जिला प्रशासन की ओर से लागू की शर्तों का कहीं पालन होते नहीं देखा गया। मैरिज होमों पर न तो सैनेटाइजर का इंतजाम था, न ही बरातियों के मुंह पर मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे। हर कोई बॉलीवुड गानों की धुन पर मस्ती में नाचता हुआ दिखाई दिया।
बारातों में नहीं दिखी पहले जैसी रौनक
जिला प्रशासन की ओर से शादी समारोह आयोजन में पहले 200 लोगों के शामिल होने की छूट दी गई थी, लेकिन दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसे घटाकर 100 कर दिया। ऐसे में लोगों के सामने मुसीबत रही कि कार्ड बंट गए अब किसको मना करें किसको न करें। इसका असर शादियों पर भी दिखाई दिया। बारातों में कम ही लोग नाचते गाते नजर आए।
कुछ लोग दिखे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक
शादियों में शामिल हुए लोगों में कुछ लोग ऐसे भी थे जो स्वास्थ्य के प्रति सजग दिखाई दिए। बरातियों में कुछ युवक व बुजुर्ग जरूर मुंह पर मास्क लगाए नजर आए।
