कानपुर में किशोर की हत्या के प्रयास में सात साल कैद: कोर्ट में पीड़ित का बयान रहा अहम, छह हजार जुर्माना 

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कानपुर, अमृत विचार। अपर जिला जज 20 नीलाजंना की कोर्ट ने किशोर की हत्या के प्रयास में युवक को सात साल की सजा सुनाई है। छह हजार जुर्माना लगाया है। साकेतनगर निवासी गोपाल कृष्ण गुप्ता ने 31 मार्च 2012 को किदवईनगर थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी, कि उनका 15 वर्षीय बेटा शिवम सुबह 11.30 बजे घर से निकला था। अगले दिन एक अप्रैल की रात साढ़े बारह बजे घर लौटा। उसने परिजनों को बताया कि सीतापुर के बाढ़े गांव थाना सिंघौली के मूल निवासी और रेलवे कालोनी अनवरगंज में रहने वाला मो. नफीस उसे बहाने से ले गया था। 

परमपुरवा पहुंचने पर नफीस ने रामादेवी से स्कूटी लेने की बात कहकर उसे कार में बैठाया। रामादेवी में नफीस ने उसे जूस पिलाया, उसके बाद वह बेहोश हो गया। होश में आने पर उसने खुद को लखनऊ में पाया। किशोर के मुताबिक होश में आने पर नफीस कार की पिछली सीट पर आया और रस्सी से उसका गला कस दिया। वह फिर बेहोश हो गया। 

नफीस उसे मरा समझकर अनवरगंज स्टेशन पहुंचा और घर चला गया। होश आने पर शिवम कार का शीशा तोड़कर किसी तरह घर पहुंचा और परिजनों को आपबीती बताई। नफीस पुराने वाहन खरीदता था व शिवम उसका पार्टनर था। दोनों के बीच लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय झा ने बताया कि अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश हुए। कोर्ट में पीड़ित का बयान अहम रहा।

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