बरेली: शहर से नहीं हटा पाए डेयरियां, अब वसूलेंगे व्यवसायिक कर

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली,अमृत विचार। शहर की घनी आबादी के बीच संचालित डेयरियों को हटाने मे नाकाम अफसरों को अब इसमें कमाई का जरिया दिखने लगा है। शहर की 834 डेयरियों को शहर से बाहर करने की जगह अब नगर निगम उनसे व्यावसायिक कर लगाने की तैयारी कर रहा है। इसका खाका तैयार हो चुका है। इसके लिए …

बरेली,अमृत विचार। शहर की घनी आबादी के बीच संचालित डेयरियों को हटाने मे नाकाम अफसरों को अब इसमें कमाई का जरिया दिखने लगा है। शहर की 834 डेयरियों को शहर से बाहर करने की जगह अब नगर निगम उनसे व्यावसायिक कर लगाने की तैयारी कर रहा है। इसका खाका तैयार हो चुका है। इसके लिए कर विभाग की टीम डेयरियों के क्षेत्रफल के हिसाब से टैक्स वसूल करेगी।

सुप्रीम कोर्ट और शहरी विकास मंत्रालय की सख्ती के बवजूद एक दशक बाद भी नगर निगम शहर को डेयरी मुक्त नहीं कर पाया है। दावे भी किए और कुछ पर कार्रवाई भी की लेकिन डेयरियां अभी भी संचालित की जा रही हैं। अब नगर निगम अपनी आय बढ़ाने के चक्कर में लोगों को सांसत में डालने का कार्य कर रहा है। कर विभाग शहर के सभी वार्डों में स्थित डेयरियों के बारे में ब्योरा जुटा रहा है।

इससे सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर नगर निगम के अफसर कमाई के चक्कर में नियमों की अनदेखी क्यों कर रहे है जबकि बारिश में डेयरियों की वजह से नाले भी चोक हो रहे हैं। कई बार सड़कों के किनारे पशु भी बांधे जा रहे हैं। इससे आमजन को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। डेयरियों का गोबर नालों में बहाने से नाले चोक होते हैं।

डेयरियों को हटाने की कवायद कई बार हुई है। आदेश भी हुए लेकिन अधिकारी और राजनेताओं के गठजोड़ ने डेयरियां आबादी के बीच से हटने नहीं दीं। इसके कारण शहर की विभिन्न जगहों पर घनी आबादी के बीच डेयरियां संचालित हो रही हैं। कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना ने बताया कि डेयरियों पर व्यावसायिक कर लगाया जाएगा। इसके लिए कर विभाग की टीम को मौके पर भेजा जाएगा।

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