बरेली : सीओ अपहरण का खुलासा करने पहुंचे, खुल गया गोलीकांड
जीआरपी थाने में हुए गोलीकांड की वारदात को दो दिन छिपाए रहे पुलिसकर्मी
बरेली, अमृत विचार: जीआरपी थाने में हुए गोलीकांड की घटना को इंस्पेक्टर से लेकर सिपाहियों ने दो दिन तक वरिष्ठ अधिकारियों से छिपा रखी। बड़ी कार्रवाई से बचने और लापरवाही थाने से बाहर न आए, इसको लेकर जीआरपी प्रभारी सहित पूरा स्टाफ घटना पर पर्दा डाले रहे। थाने के भीतर के सभी सीसीटीवी कैमरे भी खराब हैं। सीओ मुरादाबाद बुधवार को अनिल कुमार वर्मा तीन साल की अपहृत बच्ची के बरामद होने और आरोपियों के पकड़े जाने की घटना का खुलासा करने थाने आए तक उन्हें गोलीकांड की जानकारी मिली थी। इसके बाद उच्चाधिकारियों तक गोलीकांड पहुंचा।
वहीं, गोली लगने से घायल हुए इंस्पेक्टर और सिपाही ने सिविल पुलिस और अधिकारियों को बिना सूचना दिए ही अपना उपचार शुरू करा दिया। जीआरपी सीओ मुरादाबाद का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, अगर अन्य कर्मचारी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जीआरपी थाना प्लेटफॉर्म नंबर एक पर है। बताया जाता है मंगलवार रात करीब 10 बजे गोली चली। उस वक्त स्टेशन पर यात्रियों की संख्या भी ज्यादा थी। गोली की आवाज सुनकर पड़ोस में ही मौजूद आरपीएफ थाने की पुलिस भी वहां पहुंची। देखा कि इंस्पेक्टर और सिपाही घायल हैं। आनन-फानन में दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन किसी ने इसकी सूचना अधिकारियों को देना जरूरी नहीं समझा। दो दिन तक घटना को अधिकारियों से दबाए रखा। जीआरपी मुरादाबाद सीओ अनिल कुमार वर्मा गुरुवार को जांच करने आए। उन्होंने बताया कि कार्यालय में लगा सीसीटीवी कैमरा भी खराब है। फिलहाल गाजियाबाद सीओ विभागीय जांच कर रहे हैं। उनकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पार्टी के दौरान गोली चलने की चर्चा
मंगलवार की रात हुए गोलीकांड को भले ही जीआरपी अधिकारी लापरवाही से गोली चलना बता रहे हों, लेकिन एक तरफ चर्चा यह भी है कि जीआरपी थाने से पिछले दिनों बड़ी संख्या में ट्रांसफर हुए सिपाहियों के लिए फेयरवेल पार्टी रखी गई थी। पार्टी के दौरान ही आपस में विवाद होने के बाद गोली चलने से इंस्पेक्टर और सिपाही घायल हो गए, लेकिन इस चर्चा का अधिकारियों ने खंडन करते हुए कहा कि लापरवाही के चलते गोली चलने से घटना हुई है। वहीं एक तरफ चर्चा है कि जिस समय गोली चली उस समय तीन आरोपी थाने में बैठे थे, लेकिन घटना के बाद उन्हें थाने से भगा दिया गया। आरोपियों ने बाहर आकर थाने में गोली चलने का जिक्र किया जिससे पूरी घटना फैल गई।
इंस्पेक्टर बोले, बाइक गिरने से हो गए घायल
मंगलवार की रात हुई घटना में जीआरपी इंस्पेक्टर भी गोली लगने से घायल हो गए। इसके बाद उन्हें रात में ही उपचार के लिए ले जाया गया। बुधवार की सुबह उन्हें घायल देखकर अन्य स्टाफ ने पूछा तो बताया कि बाइक गिरने से घायल हो गए थे। इंस्पेक्टर से लेकर घटना के समय मौजूद सिपाहियों ने घटना को छिपाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने पर उनके ऊपर गाज गिर गई।
