बरेली: एंटी रैगिंग कमेटी ने आठ लोगों को भेजे नोटिस
अमृत विचार, बरेली। बरेली कॉलेज में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के छात्र वंश चतुर्वेदी से रैगिंग के मामले की जांच एंटी रैगिंग कमेटी के नए अध्यक्ष व संयोजक प्रो. राकेश कुमार गुप्ता ने शुरू कर दी है। उन्होंने कमेटी के सभी सदस्यों के साथ प्राचार्य दफ्तर में बैठक की। बैठक में अब तक हुई कार्रवाई पर …
अमृत विचार, बरेली। बरेली कॉलेज में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के छात्र वंश चतुर्वेदी से रैगिंग के मामले की जांच एंटी रैगिंग कमेटी के नए अध्यक्ष व संयोजक प्रो. राकेश कुमार गुप्ता ने शुरू कर दी है। उन्होंने कमेटी के सभी सदस्यों के साथ प्राचार्य दफ्तर में बैठक की। बैठक में अब तक हुई कार्रवाई पर चर्चा हुई। इसके बाद संयोजक ने पीड़ित छात्र, आरोपी तीन छात्रों, विधि विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर समेत आठ लोगों को लिखित बयान देने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। लिखित जवाब आने के बाद कमेटी की एक बार फिर से बैठक होगी और फिर निर्णय लिया जाएगा कि मामला रैगिंग का था अथवा नहीं? अगर रैगिंग हुई थी तो आरोपी छात्रों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए।
बता दें कि 3 दिसंबर को वंश के साथ सीनियर छात्रों ने परिचय के नाम पर रैगिंग की थी। इस मामले में छात्र की शिकायत पर सीनियर छात्र राशिद मेवाती के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। उसके खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करायी गई थी। इसकी जांच एंटी रैगिंग कमेटी को दी गई थी। एंटी रैगिंग कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व संयोजक प्रो. एचवी गौतम ने प्राचार्य पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद प्राचार्य ने जांच प्रो. राकेश कुमार गुप्ता को सौंप दी।
नए संयोजक ने गुरुवार को प्राचार्य से मुलाकात करने के बाद जांच शुरू कर दी। उन्होंने गुरुवार को कमेटी की बैठक बुलाई जिसमें सचिव रितू अग्रवाल समेत 14 सदस्य शामिल हुए। बैठक के बाद 8 लोगों को लिखित बयान के लिए नोटिस जारी कर दिए। पीड़ित छात्र वंश चतुर्वेदी ने अपना लिखित बयान प्राचार्य को सौंप दिया है। इसमें उसने छह सीनियर छात्रों पर रैगिंग का आरोप लगाया है जबकि पहले तीन छात्रों के नाम लिए गए थे और 10 से 12 अज्ञात बताए गए थे। कमेटी के संयोजक ने गुरुवार को तीन सीनियर छात्रों को नोटिस भेजे हैं लेकिन अब लिखित बयान में तीन अन्य नाम आने से उन्हें भी नोटिस दिया जाएगा।
अभी भी मामला दबाने का हो रहा प्रयास
रैगिंग के मामले को सात दिन पूरे हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि इस मामले को दबाने के प्रयास शुरू से ही किए जा रहे हैं। रैगिंग का मामला एलएलबी की कक्षाएं चलाने को लेकर ही शुरू हुआ है। पूर्व संयोजक के इस्तीफा देने से भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा इस मामले में अभी तक पुलिस ने भी कोई एक्शन नहीं लिया है। पुलिस ने सिर्फ रिपोर्ट दर्ज की लेकिन आरोपी छात्रों से कोई पूछताछ नहीं की गई है। कॉलेज प्रशासन पुलिस पर तो पुलिस कॉलेज प्रशासन पर मामले को डालने में लगा हुआ है।
परीक्षा दे सकेगा आरोपी छात्र
रैगिंग के मामले में आरोपी छात्र राशिद मेवाती का कॉलेज में प्रवेश प्रतिबंधित है जबकि एलएलबी की परीक्षाएं होने वाली हैं। उसके परीक्षा में शामिल होने को लेकर संशय बना है। इसे लेकर चीफ प्रॉक्टर वंदना शर्मा का कहना है कि आरोपी छात्र का कॉलेज में प्रवेश प्रतिबंधित है लेकिन किसी को परीक्षा देने से नहीं रोका जा सकता है। इसलिए छात्र परीक्षा में शामिल हो सकता है लेकिन उसका कॉलेज में अन्य तरह से प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
