देश की एकता और अखंडता के नायक थे भूपेन्द्र हजारिका, जन्म शताब्दी समारोह में बोले पीएम मोदी
गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महान गायक, भारत रत्न भूपेन्द्र हजारिका को देश की एकता और अखंडता का नायक करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि असम और भारत को लेकर उनके सपनों को साकार करने के लिए सभी को वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने का संकल्प लेना होगा। असम के दो दिन के दौरे पर यहां पहुंचे पीएम मोदी ने प्रसिद्ध गायक और संगीतज्ञ भूपेन्द्र हजारिका के जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए उन्हें भारत की एकता और अखंडता का नायक करार दिया।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक जब पूर्वोत्तर उपेक्षा का शिकार था उस मुश्कतिल वक्त में भी वह देश की एकता की आवाज थे । उन्हेांने पूर्वोत्तर और असम की सुंदरता और विकास के लिए गीत गाये थे। प्रधानमंत्री ने कहा ," जब हम ये गीत गुनगुनाते हैं तो असम की क्षमता और सामर्थ्य पर गौरव होता है। भूपने दा को अरूणाचल प्रदेश से भी बहुत लगाव था।"
मोदी ने कहा कि सच्चे राष्ट्रभक्त की आवाज कभी निष्फल नहीं होती और इसीलिए उनके सपनों को साकार करने के लिए सरकार दिन रात काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भूपेन दा को भारत रत्न देकर पूर्वोत्तर के सपनों को सम्मान दिया है। असम और अरूणाचल को जोड़ने वाले ब्रिज का नाम भूपेन हजारिका ब्रिज रखा गया है। उन्होंने कहा कि असम विकास के क्षेत्र मे नया रिाकर्ड बना रहा है जो इस महान राष्ट्र भक्त को सच्ची श्रद्धांजलि है।
प्रधानमंत्री ने असम की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा , " इस धरती का इतिहास, पर्व, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता तथा भारत माता की आनबान और शान की रक्षा के लिए यहां के लोगों के बलिदान के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। यह देश के लिए नये प्रकाश और रोश्नी की धरती है। भूपेन दा ने इसी भाव को अपने गीतों में स्वर दिया था। " उन्होंने कहा कि असम के इतिहास के बिना भारत का इतिहास अधूरा है।
उन्होंने कहा कि देश की एकता के लिए सांस्कृतिक कनेक्टिविटी भी जरूरी है और सरकार ने इसे अहमियत दी है। इस आयोजन में इसकी झलक है। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में भी असम के लोगों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। असम ने हर परिस्थिति में देश के स्वाभिमान को आवाज दी है। चीन के साथ 1962 की लड़ाई में भूपेन दा ने देशवासियों में अपने गीतों से नया जोश भर दिया था। असम को असीम संभावनाओं का स्रोत बताते हुए उन्होंने कहा कि असम के उत्पादों को दुनिया भर में पहचान दिलानी होगी।
उन्होंने कहा कि भूपेन हजारिका 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को जीते थे और उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर हमें आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लेना है और अपने उत्पादों का 'राजदूत' बनाना है। उन्होंने कहा कि हम इस संकल्प को जितनी गति देंगे विकसित भारत का सपना उतनी ही तेजी से पूरा होगा। श्री मोदी ने समारोह में उपस्थित सभी लोगों से मोबाइल फोन की लाइट जलाकर भूपने दा को श्रद्धांजलि देने को भी कहा।
