Rampur : हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या की साजिश में एक और आरोपी कासिम गिरफ्तार, परिवार ने बताया बेकसूर

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Edited By Amrit Vichar
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बिलासपुर, अमृत विचार। हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या की साजिश रचने आदि गंभीर आरोपों में यूपी एटीएस के के हत्थे चढ़े चार युवकों में एक खजुरिया थाना क्षेत्र का रहने वाला कासिम अली पुत्र बब्बू शाह बताया जा रहा है। आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर मुजाहिदीन आर्मी बनाकर लोकतंत्र व्यवस्था को खत्म करने की साजिश रच रहा था। एटीएस द्वारा कासिम की हुई गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को सराय कदीम गांव में हड़कंप और उसके घर में मातम जैसा माहौल है।
 
सराय कदीम स्थित कासिम अली के  घर में मंगलवार को पुलिस, खुफिया एजेंसी और मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। कासिम की मां नन्हीं ने बताया कि उसने कोई वीडियो बनाकर डाली है,जिसमें उसे गिरफ्तार किया गया है। वह तो फोन चलाना जानती नहीं है। कहा उनका बेटा निर्दोष है क्योंकि परिवार ने कभी उसे गलत नही देखा। नमाज और अपने काम में रहता था। दिल्ली में रहकर उनका बेटा एसी का काम करता था, दो महीने पहले ही गांव आया था और पिता के साथ खेती-किसानी में लग गया था। जबकि उनके चार बच्चों में कासिम सबसे बड़ा है। 

उन्होंने यह भी बताया कि उनके बेटे की शादी को डेढ़ वर्ष हुआ है और उसकी छह दिन पहले ही एक बेटी हुई है, उनके बेटे को गांव के चौराहे से गिरफ्तार किया है। उन्हें तो बाद में पता चला। ग्रामीणों ने बताया कासिम हमेशा पांच वक्ता नमाज और अपने काम में व्यस्त रहता था। 

सबसे घुल-मिलकर रहने वाला कासिम ऐसा नहीं कर सकता ।  यकीन ही नही हो रहा, फिलहाल मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। गांव की प्रधान शहाना बेगम के पुत्र इमरान अली ने बताया कि कासिम के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जबकि उसका स्वभाव भी अच्छा है,किसी से लड़ाई-झगड़ा तक और थाने में उसका कोई अपराधिक इतिहास नहीं है।

मां ने रोते हुए बेटे को बताया बेगुनाह
रोती बिलखती कासिम अली की मां नन्हीं बेगम ने कहा कि मेरा बेटा बेकसूर है,साहब उसे साजिश के तौर पर फंसाया जा रहा है। वह तो पिता के साथ मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है। यह शब्द कासिम की मां नन्हीं बेगम ने एटीएस के सामने कहे और फफक-फफक रोने लगी। रविवार रात कुछ पुलिस अधिकारी उसके घर में घुस आए थे और उसके बेटे कासिम को दबोच लिया। इसके बाद यहां उससे पूछताछ की और घर की तलाशी भी ली। पूछताछ करने के बाद उसे अपने साथ ले गए। बताया कि उसने पुलिस के अधिकारियों से कहा कि उसका बेटा बेकसूर है साहब। उसे साजिश के तौर पर फंसाया गया होगा। उसके ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। वह तो बीते दो माह से घर पर रहकर पिता का हाथ बंटाता था।

 साथ ही मेहनत मजदूरी भी करता था और गर्भवती पत्नी का ख्याल रखता था। लेकिन, अचानक हुई इस घटना ने सभी को हैरत में डाल दिया है। पुलिस कह रही है उसका बेटा आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त है। मगर मुझे आज तक ऐसा महसूस नहीं हुआ। कोई बाहरी या संदिग्ध व्यक्ति भी आज तक उससे मिलने नहीं आया। न जाने कैसे वो इसमें फंस गया। उसे तो बस वीडियो बनाकर फेसबुक पर डालने का शौक था। मोहल्लेवासियों ने बताया कि कासिम ऐसी का अच्छा मैकेनिक है। लेकिन, ठंड के मौसम में काम बंद हो जाता है, इसलिए वह दिल्ली से वापस घर लौट आता है। 

यहां आकर वह मेहनत मजदूरी के अलावा कुछ नहीं कर पाता। उसे अभी तक किसी पुलिस कार्रवाई में फंसते नहीं देखा। उसका कोई अपराधिक मामला भी आज तक सामने नहीं आया। फिर कैसे वह इतनी बड़ी मूवमेंट का शिकार हो गया। इसने पूरे गांव को हैरत कर में डाल दिया है। उधर, जांच एजेंसियों ने गांव में डेरा डाल रखा है। एलआईयू और एसआईओ की टीम गांव में तैनात नजर आई। जांच टीमों ने गांव के दर्जनों ग्रामीणों से वार्ता की और उनसे कासिम से संबंधित सबूत इकट्ठा किए।

 

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