मोदी सरकार किसानों के हित में कर रही काम: राधा मोहन
अयोध्या, अमृत विचार। पूर्व केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री व यूपी के प्रभारी राधामोहन सिंह ने सोमवार को किसान सम्मेलन में संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 6 वर्ष के अंदर किसानों के लिए जितना किया उतना 63 सालों के भीतर अन्य सरकारों ने नहीं किया। भाजपा सरकार ने हर साल किसानों …
अयोध्या, अमृत विचार। पूर्व केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री व यूपी के प्रभारी राधामोहन सिंह ने सोमवार को किसान सम्मेलन में संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 6 वर्ष के अंदर किसानों के लिए जितना किया उतना 63 सालों के भीतर अन्य सरकारों ने नहीं किया। भाजपा सरकार ने हर साल किसानों के खाते में 75000 करोड रुपए देने का ऐलान किया था और वर्तमान में 10 करोड़ किसानों के खाते में एक लाख 10 हजार करोड़ रुपए की राशि पहुंच चुकी है।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब तक कांग्रेस हुआ केंद्र की सत्ता में आई अन्य सरकारों ने किसानों के लिए इतना किया होता तो आज किसानों की दशा और दिशा ही कुछ और होती। उन्होंने विपक्ष पर किसानों को बरगलाने तथा समाज में कृषि कानून के नाम पर भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया।
केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में चल रहे विरोध के बीच सोमवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से शहर के कौशलपुरी स्थित सुरेन्द्र लान में आयेजित किसान सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यूपीए के कार्यकाल से बीस गुना ज्यादा एमएसपी के तहत किसानों के अनाज की मोदी के कार्यकाल में खरीद हुई। बजट का हवाला देते हुए बताया कि 2009-10 में यूपीए की सरकार के दौरान कृषि मंत्रालय का बजट 12 हजार करोड़ रुपये था।जबकि वर्तमान सरकार में कृषि बजट बढ़कर 1 लाख 34 हजार करोड़ रुपया है।
आजादी के पूर्व बनी अंतरिम सरकार के कृषि मंत्री डा राजेन्द्र प्रसाद ने कृषि पर आधारित बजट लाने की बात कही थी,लेकिन आजादी के बाद बनी कांग्रेस सरकार ने ऐसा नहीं किया। लाल बहादुर शास्त्री की सरकार ने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने जय जवान जय किसान के नारे में जय विज्ञान भी जोड़ दिया। विज्ञान पर किसानों का अधिकार होना चाहिए। क्योकि चिकित्सक को अगर चिकित्सा का और शिक्षक को अगर ज्ञान नहीं हो उन्नति नहीं हो सकती। अटल जी ने इसको पहली बार समझा।
उन्होने कहा कि देश में 14 करोड़ किसान है। जिसमें 12 करोड़ छोटे किसान है। हर चार महीने में खेती का सीजन बदलता है। इस दौरान इन किसानों के पास बीज व खाद के लिए पैसा नहीं रहता था। मोदी सरकार ने कहा कि देश के खजाने पर पहला हक देश के किसानों का है। जबकि पिछली सरकारे खजाने पर एक विशेष वर्ग का हक बताती है। यूपीए के कार्यकाल में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी थी। कांग्रेस ने इसकी सिफारिशों को लागू करने की बात अपने घोषणा पत्र में की,लेकिन इसे लागू नहीं किया। उसमें ‘एक देश एक बाजार’ की बात कही गयी थी। भाजपा सरकार ने इसको ही लागू किया है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि आज केन्द्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत गरीबों को मिल रहा है,जिसके कारण विपक्ष मुद्दा विहीन हो गया है। इस कारण वह गुमराह करने की राजनीति कर रहा है। परन्तु किसान विपक्ष के बहकावें में आने वाले नहीं है। कार्यक्रम का समापन क्षेत्रीय अध्यक्ष शेष नरायन मिश्रा व संचालन किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री सुधीर सिंह सिद्धू ने किया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डा श्वेता सिंह, शिव भूषण सिंह, महामंत्री त्रयम्बक तिवारी, डा श्वेता सिंह, क्षेत्रीय मंत्री कमलेश श्रीवास्तव, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, विधायकगण वेद प्रकाश गुप्ता, रामचन्दर यादव, इन्द्र प्रताप तिवारी खब्बू, शोभा सिंह चौहान, गोरखनाथ बाबा, बाराबंकी के सांसद उपेन्द्र रावत, विधायक सतीश शर्मा, वैजनाथ रावत, शरद अवस्थी अम्बेडकर नगर विधायक संजू देवी व अनीता कमल, अयोध्या महानगर जिलाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, बाराबंकी जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।
