तीन पासपोर्ट... अलग-अलग पते, डॉ. शाहीन के पासपोर्ट की जांच रिपोर्ट लगाने वाले पुलिसकर्मी भी संदेह के घेरे में, पाकिस्तान का मिला बड़ा कनेक्शन

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Published By Muskan Dixit
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पिता व भाई पर गहराया संदेह, निगरानी बढ़ी

लखनऊ, अमृत विचार: दिल्ली धमाके की आरोपी खंदारी बाजार की डॉ. शाहीन शाहिद के पास से तीन पासपोर्ट मिला है। तीनों पर अलग-अलग पते, अलग-अलग अभिभावक के नाम दर्ज हैं। एजेंसियां इसे आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के लिए बनवाए जाने की बात कह रहीं हैं। इन पासपोर्ट को बनवाने व जांच करने वाले अधिकारियों के बारे में भी एजेंसियां जांच कर रही है।

लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर धमाके और फरीदाबाद में विस्फोटक पकड़े जाने के बाद सफेद पोश आतंकी माड्यूल का खुलासा हुआ। इस मामले में अब तक देश की बड़ी सुरक्षा एजेंसियों एनआईए, एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 6 डॉक्टर, दो मौलवी समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। अभी तक की जांच में सामने आया कि इस मॉड्यूल की प्रमुख सदस्यों में अल-फलाह यूनिवर्सिटी फरीदाबाद की डॉ. शाहीन शाहिद है। डॉ. शाहीन शाहिद के पासपोर्ट की जांच में कई संदिग्ध खुलासे हुए हैं। लखनऊ निवासी डॉ. शाहीन शुरुआत में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़ी थी। तब उसने अपने पासपोर्ट को अपडेट करवाया था। जिसमें पते और अभिभावक के नाम बदलते रहे। सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव उनके धार्मिक कट्टरवाद और आतंकी घटना के बाद फरार होने की साजिश का हिस्सा है।

अंतिम पासपोर्ट इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के पते पर जारी

जांच में सामने आया कि डॉ. शाहीन के पासपोर्ट में पहले कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का पता दर्ज था, जहां वे नौकरी करती थी। नौकरी छोड़ने के बाद दूसरे पासपोर्ट में लखनऊ का पता जोड़ा गया। तीसरे में फरीदाबाद का पता आया, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा था। अंतिम पासपोर्ट में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ का पता दर्ज है, जहां उसके भाई परवेज अंसारी नौकरी करता है। परवेज को भी धार्मिक कट्टरवाद के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। साथ ही डॉ. शाहीन ने अपने अभिभावक का नाम भी कई हर बार बदल दिया है। पहले पासपोर्ट में पिता का नाम दर्ज है। वहीं दूसरे में पति और तीसरे में भाई का नाम दर्ज कराया है। जांच कर रही एजेंसी की माने तो यह सब डॉ. शाहीन की पहचान छिपाने और विदेश भागने की तैयारी में किया गया। 3 नवंबर को उसे गिरफ्तार किया गया तो वह दुबई भागने की तैयारी कर चुकी थी। इसके भी प्रमाण मिले हैं।

पाकिस्तान समेत 9 विदेश यात्राओं की खंगाला जा रहा ब्योरा

जांच एजेंसियों ने डॉ. शाहीन के विदेश यात्राओं का ब्योरा भी खंगालना शुरू कर दिया है। पासपोर्ट जांच से पता चला कि वह तीन बार पाकिस्तान गई। जहां जैश-ए-मोहम्मद के कैंपों से संपर्क किया है। इसकी जांच की जा रही है। वहीं, 6 अन्य देशों की यात्राएं की हैं। 2013 में कानपुर नौकरी छोड़ने के बाद वे थाईलैंड गईं। जिसके मॉड्यूल की शुरुआती फंडिंग या ट्रेनिंग से जुड़े होने की संभावना है। दिल्ली स्पेशल सेल, एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम की जांच में सामने आया कि डॉ. शाहीन ने 2023 में मस्जिद के फर्जी पते पर सिम कार्ड लिया और परिवार के पतों से परहेज किया। इसकी भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां इस बात की जांच कर रही है कि डॉ. शाहीन के पासपोर्ट बनवाने के समय की गई पुलिस जांच में रिपोर्ट किसने लगाई। किस आधार पर उसके पते को सही माना गया। ऐसे पुलिसकर्मी भी चिह्नित किये जा रहे हैं। जांच एजेंसियां इन पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ करेगी।

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