Avadh University: राष्ट्रीय संगोष्ठी में तकनीकी शब्दावली निर्माण पर विशेषज्ञों ने दिया जोर
अयोध्या, अमृत विचार: अवध विवि में दर्शनशास्त्र एवं धर्म विभाग तथा श्रीराम शोध पीठ द्वारा (वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग) शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित “सामाजिक विज्ञानों में तकनीकी शब्दावली का निर्माण: प्रयोग एवं समस्याएँ” दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का गुरुवार को समापन हुआ। संगोष्ठी में विशेषज्ञ वक्ताओं ने तकनीकी शब्दावली निर्माण पर विशेष दिया जोर संगोष्ठी के दूसरे दिन की शुरुआत प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. केपी सिंह के स्वागत के साथ किया।
उन्होंने शब्दों की श्रेणीकरण शब्दकोशीय मानकीकरण और सामाजिक विज्ञानों में प्रामाणिक शब्दावली की आवश्यकता पर विचार प्रस्तुत किया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की डॉ. अंजली ने मनोविज्ञान में परिभाषिक शब्दों के मानकीकरण पर शोध के महत्व के पर प्रकाश डाला। प्रो. नीरजा शुक्ला ने मूल भाषा आधारित अध्ययन–अध्यापन की अनिवार्यता पर विशेष व्याख्यान दिए। सीएसटीटी के निदेशक व विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया।
समापन सत्र में डॉ. शैलेन्द्र व सीएसटीटी के निदेशक ने भी अपने विचारों के साथ प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। संगोष्ठी में देशभर से आए अनेक विद्वानों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
