Bareilly : रैन बसेरों का इंतजाम नहीं...ठंडी फर्श पर सो रहे यात्री

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। सर्दी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। रात में काफी ठिठुरन होने लगी है। अभी तक शहर में अस्थायी रैन बसेरे नहीं बनाए गए हैं। इससे देर रात में बाहर से आने वाले यात्रियों और गरीबों तथा मजदूरों को रात काटने में दिक्कत हो रही है। लोगों को खुले में रात काटनी पड़ रही है अथवा रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड के प्लेटफार्मों की ठंडी फर्श पर लेटना-बैठना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेश हैं कि ठंड में किसी को भी खुले आसमान के नीचे न सोना पड़े। जिला प्रशासन संबंधित विभागों की मदद से जरूरतमंदों के लिए रैन बसेरे बनाए और उनमें आवश्यक सभी सुविधाएं मुहैया कराए। पिछले एक पखवाड़े से ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों ने अभी तक शहर में अस्थायी रैन बसेरों के इंतजाम नहीं किए हैं। प्रत्येक वर्ष शहर में देर रात आने वाले यात्रियों की सुविधा के सैटेलाइट बस स्टैंड, पुराना बस अड्डा और बरेली जंक्शन पर अस्थायी रैन बसेरे की व्यवस्था कराई जाती है, लेकिन रैन बसेरा न होने से यात्रियों को ठंड में ही प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।

अभी तक नहीं कि गई अलाव की व्यवस्था
सर्दी बढ़ते ही शहर में कई जगह चौराहों पर अलाव भी जलवाए जाते हैं। जिससे लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिल जाती है। सुबह और शाम होते ही सर्दी का अहसास होने लगा है। बस अड्डे और रेलवे स्टेशन के आसपास लोगों को ठिठुरते देखा जा सकता है।
क्या कहते हैं लोग

यात्री कुलदीप के मुताबिक बढ़ती ठंड को देखते हुए प्रशासन को यात्रियों के लिए रैन बसेरा का इंतजाम करना चाहिए, जिससे की वह ठंड में अपना समय गुजार सके। यात्री अनुज ने बताया कि अस्थायी रैन बसेरा बनाए जाने से रात में यात्रियों को इंतजार करते हुए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता है। रैन बसेरा होने से लोग वहां आश्रय पा जाते हैं। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि ठंड के प्रकोप को देखते हुए व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने के निर्देश दे दिए गए हैं, रैन बसेरा के साथ शहर में अलाव भी जलवाए जाएंगे।

नगर निगम ने भेजी पिछले साल के रैन बसेरों की सूची
जिला प्रशासन ने हाल ही में नगर निगम सहित नगर पालिका व नगर पंचायतों से सर्दी से असहायों काे बचाने के लिए रैन बसेरे स्थापित कर उनमें दी जाने वाली सभी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी मांगी। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार के भेजे गए पत्र के जवाब में नगर निगम ने पिछले साल की रिपोर्ट भेज दी। इसमें शहर में 7 स्थानों पर स्थायी और 4 अस्थायी रैन बसेरे स्थापित करने की बात लिखी है। इनमें 360 लाेगों के रहने की व्यवस्था बताई है। इसके साथ नगर निगम के चारों जोन में पांच सौ से अधिक स्थानों पर अलाव जलवाने के लिए चयनित करने की बात लिखी है, लेकिन यह रिपोर्ट पिछले साल सर्दी में बनाए गए रैन बसेरों की है। इस संबंध में जिला आपदा प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि नगर निगम से इस बार की गई तैयारियों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है, जो रिपोर्ट मिली है वे पिछले साल की है।

कंबल खरीद निविदा में कंपनियों ने नहीं ली रुचि
जिला प्रशासन ने निराश्रित लोगों को जनपद में कंबल बंटवाने को लेकर उनकी खरीद कराने के संंबंध में निविदा निकाली। शुक्रवार को निविदा खोली जानी थी। बताते हैं कि ज्यादा कंपनियों के निविदा नहीं डालने की वजह से निविदा खोलने की तारीख बढ़ाई गई है। अब 25 नवंबर को को निविदाएं खोली जाएंगी। इस बार 24 हजार कंबल खरीदने की तैयारी है।

 

संबंधित समाचार