Cough syrup smuggling: STF को मिला बर्खास्त सिपाही का फर्म, खातों की जांच तेज...
ग्रुप के साथ दुबई घूमने गया था अमित टाटा, अन्य की तलाश में दी जा रही दबिश
लखनऊ, अमृत विचार: फेंसेडिल कफ सिरप मामले में एसटीएफ के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह के फर्म की जानकारी सामने आई है। इस फर्म के नाम पर बड़ी रकम के लेनदेन की पुष्टि हुई है। एसटीएफ ने आलोक के फर्म के खातों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, अमित सिंह टाटा, बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और मास्टर माइंड शुभम जायसवाल के दुबई यात्रा की पूरी डिटेल हाथ लग गई है। इसका खर्च व दुबई में किन लोगों से मिले, इन सब की जानकारी एसटीएफ जुटा रही है।
पुलिस के मुताबिक कफ सिरप के तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ने के बाद अमित सिंह टाटा प्रॉपर्टी से लेकर अन्य मामलों में बड़े निवेश करने लगा था। शुभम जायसवाल के साथ अमित सिंह टाटा कई बार दुबई गया था। दो बार की डिटेल एसटीएफ के हाथ लगी है। यही नहीं कुछ तस्वीरें आई, जिसमें शुभम जायसवाल, अमित सिंह टाटा, बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह समेत अन्य लोग मजे करते दिख रहे हैं। इस आधार पर एसटीएफ ने आलोक सिंह की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आलोक की एक फर्म सामने आई है, जिसके खाते से लेन-देन हुए है। इसके बारे में एसटीएफ ने बैंक से डिटेल मांगा है। साथ ही फर्म रजिस्ट्रेशन किसने कब करवाई है, उसका पता भी लगाया जा रहा है। इस मामले में जल्द और लोगों की गिरफ्तारी होगी, जिनमें कुछ बड़े नाम भी शामिल है, जो पूर्व सांसद बाहुबली के करीबी है। फिलहाल पुलिस पूरी चेन खंगालने में जुटी हुई है, कि कौन-कौन शामिल है।
दुबई में मीटिंग कर तय करते थे माल की आपूर्ति
एसटीएफ के मुताबिक अमित सिंह टाटा दुबई अकेले नहीं जाता था। अब तक की जानकारी में सामने आया कि अमित के साथ मास्टर माइंड शुभम जायसवाल, बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह व गिरोह के कोर कमेटी के सदस्य जाते थे। दुबई में ही एबॉट कंपनी की मीटिंग भी की जाती थी। वहीं पर तय होता था कि कितना माल कब और कहां जाएगा। एसटीएफ गिरोह के सदस्यों के साथ ही दुबई यात्रा की पूरी कुंडली निकलाने में जुट गई है। पुलिस ने बताया कि इन लोगों ने साजिश के तहत फर्म रजिस्टर्ड कराते थे। वहीं खुद को सामने नहीं रखते। ऐसे लोगों को सामने रखा जाता था जिनसे सिरप तस्करी का कोई सरोकार नहीं था। इस लाइसेंस के दम पर इन लोगों ने करोड़ों रुपये की माल की हेरा-फेरी की है। अब बताया जा रहा है कि फर्म के पीछे कौन लोग जुड़े थे। इन लोगों से पूछताछ कर पता लगाया जाएगा। ताकि उन लोगों के नाम मामले में शामिल कर कार्रवाई की जाए।
