पीलीभीत: बाघ गणना प्रशिक्षण को जुटे पांच वन प्रभागों के अफसर, बताई गई बारीकियां

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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पीलीभीत, अमृत विचार। राष्ट्रीय बाघ गणना 2026 को लेकर पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत पहले दिन शिवालिक वन प्रभाग समेत पांच वन प्रभागों के वन अफसरों को बाघ गणना से जुड़ी बारीकियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई। बताया गया कि सटीक आंकड़े जुटाने के लिए सभी मानकों का पालन नितांत आवश्यक है। 

पीलीभीत टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय बाघ गणना के प्रशिक्षण को लेकर नोडल प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया है। शुक्रवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के मुस्तफाबाद में डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह एवं सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ भरत कुमार डीके की अध्यक्षता में दो दिवसीय बाघ गणना का प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया। पहले दिन प्रशिक्षक के रूप में महोफ रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी सहेंद्र यादव ने पांच वन प्रभागों के वन अफसरों को बाघ गणना से जुड़ी बारीकियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी। बाघ गणना के सभी चरणों के जानकारी देते बताया कि इस बार पेपरलेस टाइगर काउंटिंग की जानी है। इसके लिए एम-स्ट्राइप इकोलॉजिकल एप का प्रयोग किया जाएगा।

इसी एप के माध्यम से सभी जानकारियां अपलोड की जाएगी। एप के जरिए बाघ के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष साक्ष्य जैसे पगमार्क, विष्ठा और शिकार की जानकारी दर्ज की जाएगी। फोटो के साथ लोकेशन भी अपलोड की जाएगी, ताकि संबंधित स्थान की सटीक पहचान हो सके। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने भी बाघ गणना की बारीकियां बताते हुए कहा कि सटीक आंकड़े जुटाने के लिए सभी मानकों का पालन करना नितांत आवश्यक है। प्रशिक्षण में शाहजहांपुर वन प्रभाग के डीएफओ, बिजनौर, नजीमाबाद, शिवालिक एवं सामाजिक वानिकी प्रभाग पीलीभीत समेत अन्य वन अफसरों ने प्रतिभाग किया। डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि दो दिवसीय प्रशिक्षण का कार्यक्रम का शनिवार को समापन होगा।

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