शाहजहांपुर: सड़क हादसे में मामा-भांजे की मौत

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अमृत विचार, शाहजहांपुर। ट्रक की टक्कर से मोपेड सवार मामा-भांजे की मौत हो गई। चालक ने ट्रक भगाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने पीछा कर ट्रक चालक को पकड़ लिया। दोनों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। मामले में ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिला हरदोई …

अमृत विचार, शाहजहांपुर। ट्रक की टक्कर से मोपेड सवार मामा-भांजे की मौत हो गई। चालक ने ट्रक भगाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने पीछा कर ट्रक चालक को पकड़ लिया। दोनों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। मामले में ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

जिला हरदोई के थाना बेहटा गोकुल निवासी विनोद राठौर (22) अपने भांजे अंकुर राठौर (17) निवासी थाना पचदेवरा, ग्राम पंचायत भापुर सपाह के मजरा दुऊना नगला के साथ बुधवार को हरदोई के थाना हरपालपुर क्षेत्र के गांव सितवारी में रहने वाली अपनी बहन निशा के घर गया था। रात में दोनों वहीं रुके।

गुरुवार सुबह दोनों मोपेड से चल दिए। मोपेड अंकुर चला रहा था। दोनों जैसे ही अल्हागंज क्षेत्र फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर गांव फतेहपुर के पास पहुंचे, तभी अल्हागंज की ओर आ रहे ट्रक चालक ने एक बाइक सवार को बचाने का प्रयास किया। चालक ने सामने आ रही अंकुर की मोपेड में टक्कर मार दी।

जिससे अंकुर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि विनोद गंभीर रूप से घायल हो गया। चालक ने भागने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हुल्लापुर चौराहा पर पुलिस पिकेट को सूचना दे दी। पुलिस ने ट्रक को चालक समेत पकड़ लिया। घायल विनोद को पुलिस टीम सीएचसी लेकर आई, जहां डॉक्टर ने उसको भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस की सूचना पर दोनों के परिजन सीएचसी पहुंच गए। दोनों की मौत से परिवारों में कोहराम मच गया।

विनोद की 15 दिन पहले ही शादी हुई थी तय
विनोद दिल्ली में एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करता है। 15 दिन पहले उसकी शादी तय हुई थी। कुछ माह के बाद उसकी शादी होने वाली थी। परिजनों ने तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन अभी शादी की तारीख तय नहीं हुई थी। इसी सिलसिले में वह दिल्ली से घर आया था। वह गुरुवार को वापस दिल्ली जाने वाला था। इससे पहले वह भांजे अंकुर के साथ बड़ी बहन के घर गया था। विनोद की मौत से उसकी मां सरला देवी बदहवास हो गईं हैं। विनोद से छोटे दो भाई सुबोध और रवि हैं। अंकुर ने पढ़ाई छोड़ दी थी। वह पिता आशाराम के साथ खेतीबाड़ी में हाथ बंटाता था। मामा के साथ वह भी मौसी के घर चला गया। उसकी मौत से मां अरुणा देवी बेसुध हो गईं। अंकुर तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उससे छोटे देवेंद्र और जितेंद्र हैं।

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