बदायूं: हड़ताल के दौरान बिगड़ी ग्रामीणों का हालत, पूर्व विधायक ने दिया आश्वासन
ओरछी, अमृत विचार। विकास को तरस रहे विकास क्षेत्र आसफपुर के गांव ढोरनपुर को आस जागी है। सर्दी में भी भूख हड़ताल कर रहे ग्रामीणों की तबीयत खराब होने लगी है। जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर इलाज कराया गया। वहीं मंगलवार को पूर्व विधायक कुशाग्र सागर मौके पर जाकर ग्रामीणों से मिले तो ग्रामीणों के चेहरे पर चमक आ गई। पूर्व विधायक ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से बात की। आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
आजादी के बाद भी गांव की मुख्य सड़क पक्की न बनने की वजह से ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया था। पहले चेतावनी दी और भूख हड़ताल शुरू कर दी। बुजुर्ग, महिलाओं समेत बच्चे भी पूरा दिन बैठ रहे हैं। कड़ाके की सर्दी और खुले आसमान के नीचे पिछले छह दिनों से ग्रामीण अनिश्चितकाल भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रशासन की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों के झूठे आश्वासन से ग्रामीण इस बार आर पार लड़ाई का मन बनाए बैठे हैं। एसडीएम और सीओ के समझाने के बाद भी वह नहीं माने हैं। सोमवार रात भूख हड़ताल पर बैठे अली जान और नेकसू की तबीयत अचानक खराब हो गई।
ग्रामीण उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां इलाज कराने के बाद वह दोनों फिर से हड़ताल पर बैठ गए और आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। पूर्व विधायक मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठ गए। ग्रामीणों से बात की। उन्होंने जल्द सड़क बनवाने का आश्वासन दिया। फिर भी ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हुए। कहा कि अब किसी आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सड़क बनने का काम शुरू नहीं हो जाता तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी। कहा कि कई साल से मांग करने के बाद भी आज तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। नायब तहसीलदार और अधिशासी अभियंता ने 14 महीने पहले आश्वासन दिया था बस वादा ही बनकर रह गया है।
पूर्व विधायक ने भेजा था प्रस्ताव, शासन से नहीं हुआ स्वीकृत
बिसौली विधानसभा से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने ग्रामीणों को बताया कि समस्या को देखते हुए सबसे पहले उन्होंने साल 2024 में शासन को यह सड़क बनवाने का प्रस्ताव भेजा था। जो शासन से स्वीकृत नहीं हो पाया था। अब सड़क के निर्माण के लिए पैरवी करेंगे। जिससे ग्रामीणों को परेशानी न हो।
चिकित्सक पर अभद्रता का आरोप, ऑडियो वायरल
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के रवैये पर भी कड़ा रोष जताया है। आरोप है कि आसफपुर पर तैनात एक चिकित्सक ने बीमार ग्रामीण के साथ अभद्रता की। ग्रामीण के रोष व्यक्त करने पर चिकित्सक ने फोन पर बात की। जिसका ऑडियो सोशल साइट्स पर वायरल हुआ है।
