सीएचसी में प्रसूताओं, मरीजों को ठंड से बचाव के इंतजाम नाकाफी, घर से कंबल-रजाई लाने को मजबूर परिजन

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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अमृत विचार : करीब 10 दिनों से राजधानी भीषण ठंड की चपेट में है। रात का न्यूनतम तापमान 7 से 8 सेल्सियस तक गिर गया है, लेकिन जिले की 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसूताओं, मरीजों को ठंड से बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं। चादर नुमा हल्का कंबल देकर खानापूर्ति की जा रही है। वॉर्ड में ब्लोअर आदि की व्यवस्था नहीं है। तीमारदारों के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मलिहाबाद और माल सीएचसी में तीमारदार मरीजों के लिए घर से कंबल और रजाई लाने को मजबूर हैं।

मलिहाबाद सीएचसी : रात 10:15 बजे

दो वॉर्ड में कुल 12 प्रसूताएं भर्ती थीं। सभी ने घर से कंबल और रजाई की व्यवस्था की थी। तीमारदार बेंच पर लेटी थी। पूछने पर एक प्रसूता ने बताया कि मांगने पर एक कंबल दिया गया, जो चादर की तरह हल्का है। दूसरा कंबल मांगने पर स्टाफ ने मना कर दिया। पहले दिन जैसे-तैसे रात काटी। इसके बाद घर से कंबल मंगवाना मजबूरी हो गई। वॉर्ड के तापमान को सामान्य रखने के लिए ब्लोअर या हीटर की भी व्यवस्था नहीं थी। महिला तीमारदार ने बताया कि अस्पताल में तीमारदारों के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यहां तक अलाव तक नहीं जलाया जा रहा।

माल सीएचसी : शाम 5:58 बजे

वॉर्ड में प्रसूताएं भर्ती थीं। खिड़की टूटी होने से हवा आ रही थी। खाली बेड पर तीमारदार थे। तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल का स्टाफ बेड पर बैठने नहीं देता है। बेंच या फर्स के सहारे रात-दिन काटना पड़ता है। तीमारदारों को चादर भी नहीं मिल रही। प्रसूता को एक हल्की चादर दी जा रही है। जिससे प्रसूता व नवजात का ठंड से बचाव नहीं हो पा रहा। घर से कंबल-रजाई लाकर मरीज को दी गई है। हालांकि, वॉर्ड में ब्लोअर लगा था।

सीएचसी में प्रसूताओं और नवजात को ठंड से बचाव के पर्याप्त व्यवस्था करने के सीएचसी प्रभारी को निर्देश हैं। प्रसूता को जरूरत पड़ने पर दो कंबल देना है। यदि लापरवाही हो रही है तो प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। व्यवस्था में सुधार कराई जाएगी।-डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ

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