संघ में बदलाव : अब प्रांत नहीं, संभाग प्रचारक बनाए जाएंगे... RSS के आंतरिक ढांचे में बदलाव की तैयारी
शैलेश अवस्थी/कानपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100वें साल में अब इसके आंतरिक ढांचे में बड़े बदलाव के लिए सहमति लगभग बन गई है और मार्च में प्रस्तावित बड़ी बैठक में मुहर लग सकती हैl भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक विस्तार के मद्देनज़र संघ अपनी आंतरिक संरचना में बड़े स्तर पर फेरबदल की तैयारी कर रहा हैl इस कड़ी में अब पद बढ़ाने के साथ ढांचे को और मजबूत किया जाएगाl
अब प्रांत प्रचारक की जगह संभाग प्रचारक होंगे, जिनका कार्यक्षेत्र प्रांत प्रचारक की तुलना में छोटा होगाl तब वे कम समय में जमीनी स्तर पर और ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर सकेंगेl अभी संघ ने उत्तर प्रदेश को छह प्रांतों (अवध, कानपुर, व्रज, मेरठ, काशी और गोरक्ष ) में बांट कर प्रचारकों को दायित्व सौंपे हैं l
अब बदलाव करते हुए उत्तर प्रदेश के 18 सरकारी मण्डलों में नौ संभाग प्रचारक बनाए जाएंगे l यानि दो मण्डलों के बीच एक संभाग प्रचारक होगा, जो राज्य प्रचारक से संपर्क रखेगा l यह भी तय हुआ है कि अब हर प्रदेश में एक राज्य प्रचारक होगा, जिसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी l वह संघ के कार्यक्रमों के लिए समन्वय बनाएगा, उन्हें लागू करेगा और नज़र रखेगा l
संघ के बढ़ते दायरे को देखते हुए यह बदलाव किया जा रहा है ताकि कामकाज में आसानी हो और हर दरवाजे तक संघ के प्रतिनिधि पहुंच सकें l अभी पूरे देश में 11 प्रचारक हैं, जो बदलाव के बाद नौ रहेंगे l पूरे देश में 75 संभाग प्रचारक होंगे l
बदलेगी बैठकों की भी व्यवस्था
मार्च में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक अब हर तीन साल में नागपुर में होगी l अभी यह बैठक हर साल होती है l दिवाली के इर्द-गिर्द होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक हर साल होगी l इस बदलाव पर मुहर मार्च में प्रस्तावित बैठक में संभव है l गणवेश में बदलाव पहले ही हो चुका है l
विस्तार ज़ारी, पत्रक बांटे जा रहे
अपनी स्थापना के सौवें साल में विस्तार के लिए संघ की टोलियां संपर्क में जुटी हैं l बस्तियों में पत्रकों के जरिये संघ के कार्यक्रमों, योजनाओं और विचार की जानकारी दी जा रही है l भारतमाता के चित्र के साथ युवाओं को संघ से जोड़ने की मुहिम जारी है l
