रामलला के संपूर्ण मंदिराें में दर्शन कराने की तैयारियां... नई प्रणाली लागू करने पर बैठक में मंथन
अयोध्या, अमृत विचार : राम जन्मभूमि परिसर में बने संपूर्ण मंदिरों के दर्शन का कार्य जल्द ही प्रारंभ किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन मार्ग खोले जाने और दर्शन व्यवस्था की नई प्रणाली लागू करने पर मंथन किया गया। हालांकि माघ मेले के दौरान यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकेगी।
मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने ट्रस्ट व निर्माण संस्थाओं के साथ बैठक करने के बाद बताया कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राम जन्मभूमि के संपूर्ण परिसर में दर्शन कराया जाना चाहिए, जिस पर ट्रस्ट के साथ मंथन किया जा रहा है। जल्द शुरू किए जाने की तिथि तय होगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं पूछ रहे हैं कि कार्य पूर्ण हो गया तो दर्शन क्यों नहीं? हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से ट्रस्ट सावधानी बरत रहा है।
अभी वर्तमान में कुछ छोटी मशीन और सफाई के वाहन चल रहे हैं, लेकिन यह आशा है कि इसी माह में आगे के लिए तिथि तय होगी। मंदिर निर्माण समिति की भी जिम्मेदारी पूरी हो रही है। अब परकोटा का कार्य पूर्ण हो चुका है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सामान गृह भी मार्च तक बनकर तैयार हो जाएगा। बताया कि पुराने मंदिर की यादगार में एक मेमोरियल मार्च तक पूरा होगा। इसके साथ ही हुतात्माओं की याद में बना रहे स्तंभ भी इसी समय पूर्ण हो जाएंगे।
बाउंड्री वॉल में लग रहे अभेद्य सुरक्षा के उपकरण
राम मंदिर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चल रहे बाउंड्री वॉल निर्माण को लेकर नृपेंद्र मिश्र ने कार्यदायी संस्था और मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर की सुरक्षा पूरी तरह अभेद्य होगी। चारों ओर बनाई जा रही लगभग 4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू हो चुका है। इस बाउंड्री वॉल में सुरक्षा की दृष्टि से अत्याधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं, जिससे मंदिर की निगरानी और सुरक्षा और अधिक मजबूत हो सके।
उन्होंने बताया कि गेट नंबर 11, जिसे आदि शंकराचार्य द्वार के नाम से जाना जाता है, उसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इस गेट पर आधुनिक सुरक्षा उपकरण भी स्थापित कर दिए गए हैं। जल्द ही गेट नंबर तीन का निर्माण कार्य भी शुरू किया जाएगा। मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए चार वॉच टावर बनाए जाएंगे। इन वॉच टाॅवरों और बाउंड्री वॉल के मॉडल को स्वीकृति मिल चुकी है और शीघ्र ही इनका निर्माण कार्य शुरू होगा। सुरक्षा के लिए कई ऐसे उपाय किए जा रहे हैं, जिन्हें गोपनीय रखा जा रहा है।
एक करोड़ से होगा आस्तीकन गहनाग बाबा स्थल का कायाकल्प
मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित आस्तीकन गहनाग बाबा स्थल पर शीघ्र ही पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मिल्कीपुर विधायक चन्द्रभानु पासवान द्वारा अयोध्या तीर्थ विकास परिषद को भेजे गए प्रस्ताव पर निदेशालय ने एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। स्वीकृत राशि से स्थल पर बुनियादी एवं पर्यटक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। आस्तीकन गहनाग बाबा स्थल क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां विभिन्न धार्मिक अवसरों पर मेले और कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिनमें दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं।
मिल्कीपुर विधायक के प्रस्ताव को तीर्थ विकास परिषद से मिली मंजूरी
यहां आधारभूत और पर्यटन सुविधाओं के विकास की आवश्यकता सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार इस स्थल के विकास की मांग उठाई जाती थी। स्थानीय जनता की भावनाओं और मांग को ध्यान में रखते हुए मिल्कीपुर विधायक चन्द्रभानु पासवान ने आस्तीकन गहनाग बाबा स्थल के पर्यटन विकास का प्रस्ताव तैयार कर अयोध्या तीर्थ विकास परिषद को भेजा था। विधायक ने कहा कि यहां पर्यटन सुविधाओं के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
