यूपी में मोबाइल यूनिट को लेकर उठ रहे सवालों पर लगा विराम, नि:शुल्क एंबुलेंस-मेडिकल यूनिट के लिए 2 अरब का बजट स्वीकृत
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में दूर-दराज क्षेत्रों के गंभीर मरीजों और सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय से सरकारी अस्पतालों तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा, एएलएस एंबुलेंस एवं नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट (एनएमएमयू) सेवा के संचालन के लिए राज्य सरकार ने दो अरब रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया है। बजट जारी होने से इन सेवाओं गति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मोबाइल यूनिट को लेकर उठ रहे सवालों पर विराम लग गया है।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी इन महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए बजट न मिलने के कारण विशेष रूप से नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट के संचालन पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। जानकारी के अनुसार, नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट ने बीते नवम्बर माह में अनुबंध के तहत अपने तीन वर्ष पूरे कर लिए थे।
अनुबंध के नवीनीकरण और बजट जारी न होने के कारण न केवल सेवा के बंद होने की आशंका जताई जा रही थी, बल्कि इससे जुड़े कर्मचारियों को बीते दो माह से वेतन भी नहीं मिल रहा था। अब दो अरब रुपये का बजट स्वीकृत होने से नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट के पुनः नवीनीकरण की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। इससे प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों को घर के पास ही प्राथमिक चिकित्सा, जांच और परामर्श की सुविधा मिलती रहेगी।
