G-Ram G कानून से यूपी को मिलेगा विशेष लाभ : बोले सीएम योगी- अब रोजगार का मतलब सिर्फ गड्ढा खोदना नहीं होगा...

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ। सीएम योगी ने विकसित भारत जी राम जी कानून पर प्रेस वार्ता की। मुख्यमंत्री ने कहा है कि समय पर काम, हर गांव में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण और हर श्रमिक के जीवन में सम्मान, सुरक्षा व खुशहाली सुनिश्चित करना उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण रोजगार से जुड़े नए अधिनियम को इसी सोच के साथ लागू किया जा रहा है, ताकि यह योजना केवल अस्थायी राहत न रहकर गांवों के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प के अनुरूप सरकार ने ग्रामीण रोजगार की अवधारणा को नए सिरे से परिभाषित किया है। अब इसका उद्देश्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि ऐसे स्थायी और उपयोगी कार्य कराना है, जिनसे गांवों की बुनियादी जरूरतें पूरी हों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब रोजगार का मतलब गड्ढा खोदना और फिर उसे पाट देना नहीं होगा। योजना के अंतर्गत कराए जाने वाले सभी कार्य स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से जुड़े होंगे। इनमें जल संरक्षण से संबंधित परियोजनाएं, ग्रामीण सड़कें, बाजार-मंडी, खेल के मैदान, ओपन जिम और आजीविका से जुड़े अन्य आधारभूत ढांचे शामिल होंगे। इन कार्यों से न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि गांवों की उत्पादक क्षमता भी बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार की 60:40 की वित्तीय साझेदारी तय की गई है। इससे राज्यों की भूमिका और जिम्मेदारी दोनों बढ़ गई हैं। जिन राज्यों में श्रमिकों की संख्या अधिक है और जहां रोजगार की वास्तविक जरूरत ज्यादा है, वहां उसी अनुपात में अधिक कार्य और अधिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे श्रमप्रधान राज्य को इस व्यवस्था से विशेष लाभ मिलने वाला है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योजना को पूरी तरह डिमांड-ड्रिवन बनाया गया है। गांव में जिस काम की मांग होगी, उसी गांव में श्रमिकों को रोजगार दिया जाएगा। इसके साथ ही किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान भी किया गया है कि बुवाई और कटाई के समय राज्यों को रोजगार कार्य स्थगित करने का अधिकार होगा, ताकि खेती के मौसम में किसानों को श्रमिकों की कमी का सामना न करना पड़े।

तकनीक की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार टेक्नोलॉजी को कानूनी अधिकार के रूप में इस अधिनियम में शामिल किया गया है। बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, रियल-टाइम मोबाइल ऐप के जरिए निगरानी और डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में भुगतान की व्यवस्था से पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि इससे फर्जी नामों पर भुगतान और बिचौलियों की भूमिका हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनकी सोच में कभी श्रमिकों और किसानों का हित नहीं रहा और जिनके एजेंडे में ग्रामीण भारत का विकास नहीं रहा, वही लोग आज इस योजना को लेकर भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ऐसी राजनीति से विचलित होने वाली नहीं है और पूरी दृढ़ता के साथ योजना को लागू करेगी।

उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार इस अधिनियम को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ जमीन पर उतारेगी, ताकि इसका वास्तविक लाभ श्रमिकों और गांवों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है—हर श्रमिक को सम्मानजनक रोजगार, हर गांव को टिकाऊ परिसंपत्तियां और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाना। यही विकसित भारत का रास्ता है और उत्तर प्रदेश इस रास्ते पर पूरी मजबूती से आगे बढ़ेगा।

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