वृंदावन बंदरों का आतंक : नोटों की गड्डी लेकर छत पर चढ़ा वानर, जानिए फिर क्या हुआ
मथुरा। धर्मनगरी वृंदावन में बंदरों का आतंक अब चश्मे और मोबाइल से आगे बढ़कर नकदी तक पहुंच गया है। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के समीप एक श्रद्धालु उस वक्त हतप्रभ रह गया, जब एक बंदर ने झपट्टा मारकर उसके हाथ से नोटों की पूरी गड्डी छीन ली। देखते ही देखते बंदर नोटों को लेकर ऊंची दीवार पर जा बैठा, जिसे देख पीड़ित भक्त के हाथ-पांव फूल गए।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने बंदर को फल और खाने-पीने की चीजों का लालच देकर नीचे बुलाने की कोशिश की। काफी मान-मनौव्वल और जद्दोजहद के बाद बंदर ने गड्डी नीचे तो फेंकी, लेकिन तब तक बंदर के दांतों और नाखूनों से कई नोट बुरी तरह फट चुके थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
दिलचस्प लेकिन चिंताजनक तथ्य यह है कि वृंदावन के बंदर अब खाने के अन्य सामानों के बजाय 'फ्रूटी' (मैंगो ड्रिंक) को अधिक प्राथमिकता देते हैं। श्रद्धालु अक्सर अपना मोबाइल, चश्मा या कीमती सामान वापस पाने के लिए बंदरों को फ्रूटी का लालच देते हैं, जिसके बाद ही वे सामान छोड़ते हैं। यह बंदरों के व्यवहार में आया एक अजीबोगरीब बदलाव है।
मथुरा-वृंदावन में बंदरों की समस्या अब जानलेवा साबित हो रही है। सामान छीनने के अलावा, बंदरों द्वारा छतों से धक्का देने के कारण कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। हालांकि, हर चुनाव में बंदरों का मुद्दा राजनीतिक गलियारों में जोर-शोर से गूंजता है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई स्थाई समाधान नहीं निकल पाया है।मंदिर क्षेत्र में जाते समय अपने कीमती सामान, बटुआ और मोबाइल को बैग के अंदर सुरक्षित रखें और चश्मा पहनने से बचें।
