केजीएमयू बनेगा देश का पहला संस्थान, ट्रॉमा एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर में DM कोर्स शुरू
फेलो ऑफ नेशनल बोर्ड का दो वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू करने की मिली अनुमति
लखनऊ, अमृत विचार : किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में ट्रॉमा एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर में डीएम की पढ़ाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है। फेलो ऑफ नेशनल बोर्ड (एफएनबी) का दो वर्षीय पाठ्यक्रम की अनुमति मिल गई है। केजीएमयू देश का पहला संस्थान होगा, जिसमें ट्रॉमा एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर में सबसे बड़ी डिग्री प्रदान की जाएगी।
प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने ट्रॉमा एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर में दो वर्षीय एफएनबी पाठ्यक्रम के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। यदि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) इस कोर्स में नए दाखिलों पर रोक लगाता है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार स्वयं वहन करेगी। पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए फिलहाल तीन वर्षों के लिए अनुमति दी गई है। शुरुआती चरण में इसमें दो सीटें होंगी। इसके बाद अगले चरण में इसी विषय में डीएम (सुपर स्पेशियलिटी) कोर्स शुरू किया जाएगा।
ट्रॉमा क्रिटिकल केयर विभाग के डॉ. जिया अरशद और डॉ. रवि प्रकाश को इस पाठ्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस कोर्स के शुरू होने से क्रिटिकल केयर विभाग में गंभीर मरीजों की बेहतर देखभाल संभव हो सकेगी। साथ ही देश के अन्य मेडिकल संस्थानों को भी प्रशिक्षित सुपर स्पेशलिस्ट उपलब्ध होंगे, जिससे गंभीर और ट्रॉमा मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
