ग्रीन एनर्जी से संचालित होगी लखनऊ की AI सिटी, सोलर और ग्रीन हाइड्रोजन पर आधारित होगा भविष्य का ऊर्जा मॉडल
लखनऊ, अमृत विचार: लखनऊ में प्रस्तावित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सिटी को ग्रीन एनर्जी आधारित मॉडल पर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना में एआई, डेटा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण को समान प्राथमिकता देने की तैयारी तेज हो गई है।
प्रदेश सरकार के अनुसार एआई सिटी में स्थापित होने वाले डेटा सेंटर्स, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ऊर्जा जरूरतें पारंपरिक ईंधनों पर आधारित नहीं होंगी। इसके लिए बड़े पैमाने पर सोलर एनर्जी सिस्टम विकसित किए जाएंगे। जिससे कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी और ऊर्जा लागत को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। यह मॉडल आने वाले समय में देश की अन्य तकनीकी परियोजनाओं के लिए एक मानक के रूप में उभरेगा। एआई सिटी के ऊर्जा मॉडल में ग्रीन हाइड्रोजन को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है कि एआई सिटी के ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम, औद्योगिक संचालन और स्मार्ट सिटी सुविधाओं में ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग किया जाए। इससे प्रदेश उन अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा, जो हाइड्रोजन आधारित स्वच्छ ऊर्जा को व्यवहारिक स्तर पर अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में प्रदेश पहले से ही एक लीडर स्टेट के रूप में उभर रहा है।
एआई सिटी के विकास में ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट को अनिवार्य किया जाएगा। भवन निर्माण में ऊर्जा-कुशल सामग्री, प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग और जल संरक्षण प्रणालियों को शामिल किया जाएगा। साथ ही स्मार्ट मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता घटे और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
वैश्विक मानकों के अनुरूप डेटा सेंटर्स
एआई सिटी में विकसित होने वाले डेटा सेंटर्स को वैश्विक पर्यावरण और ऊर्जा दक्षता मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। ग्रीन एनर्जी आधारित डेटा सेंटर्स से उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीकी कंपनियों का भरोसा मिलेगा। प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों का मानना है कि अब निवेशक उन्हीं क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहां पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और सस्टेनेबिलिटी का स्पष्ट रोडमैप हो और प्रदेश इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। योगी सरकार का प्रयास है कि एआई सिटी के लाभ केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित न रहें। स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास से बेहतर पर्यावरण, स्वास्थ्य के अनुकूल जीवन स्थितियां और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
ग्रीन एनर्जी मॉडल की प्रमुख विशेषताएं
• डेटा सेंटर्स के लिए सोलर एनर्जी अनिवार्य
• ट्रांसपोर्ट व इंडस्ट्रियल ऑपरेशन में ग्रीन हाइड्रोजन
• ग्रीन बिल्डिंग और ऊर्जा-कुशल इंफ्रास्ट्रक्चर
• वैश्विक पर्यावरण मानकों के अनुरूप विकास
• निवेश, तकनीक और पर्यावरण, तीनों पर समान फोकस
