लखनऊ में KGMU डॉक्टर की संपत्ति होगी कुर्क, संपत्तियों का जुटाया गया ब्योरा, स्थानीय पुलिस से मांगी मदद
लखनऊ, अमृत विचार: धर्मांतरण और यौन शोषण के आरोपों में फरार चल रहे केजीएमयू लखनऊ के रेजिडेंट डॉक्टर व 50 हजार के इनामी रमीजउद्दीन मलिक के पीलीभीत के न्यूरिया स्थित पैतृक आवास और उत्तराखंड के खटीमा में बुधवार को चौक पुलिस कुर्की की नोटिस चस्पा कर दी। चौक पुलिस ने वहां के दोनों थानों की पुलिस से आरोपी डॉक्टर रमीज की संपत्तियों का ब्योरा जुटाया है।
नोटिस की चस्पा करने से पहले चौक पुलिस ने आरोपी डॉक्टर और धर्मांतरण कराकर निकाह कराने वाले काजी जाहिद हसन व एक गवाह शारिक की तलाश में पीलीभीत के सदर और फीलखाना इलाके में छापेमारी की। इस दौरान आराेपी वहां नहीं मिले। पुलिस ने दोनों के कमरों में छानबीन करने के साथ ही परिवारवालों और रिश्तेदारों से पूछताछ की। पूछताछ में पुलिस को फरार तीनों आरोपियों के बारे में कई अहम जानकारियां मिली हैं। चौक पुलिस ने सदर कोतवाली और थाना न्यूरिया पुलिस को भी अलर्ट कर दिया है।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पीलीभीत जिले के एसपी अभिषेक यादव से बात कर पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए मदद मांगी गयी है। चौक पुलिस व सर्विलांस सेल की तीन टीमें उत्तराखंड, शाहजहांपुर, नोएडा और दिल्ली में आरोपियों की तलाश में दबिशें दे रही हैं। केजीएमयू कांड में पुलिस ने गहनता से जांच शुरू की तो आरोपी डॉक्टर का पीलीभीत से संबंध सामने आया। डॉ. रमीज का जिले के न्यूरिया हुसैनपुर कस्बे में मूल निवास है, हालांकि उसके परिजन लंबे समय से उत्तराखंड के खटीमा में रह रहे हैं।
दो घंटे तक रिश्तेदार से पूछताछ, मिली अहम जानकारी
चौक पुलिस ने बुधवार को न्यूरिया स्थित घर पर छापा मारकर एक रिश्तेदार को पकड़ा। करीब दो घंटे तक उनसे पूछताछ की गयी। पूछताछ में रिश्तेदार ने बताया कि आरोपी के परिजन ने घर उसे दान में दिया था। पुलिस की जांच में यह भी जानकारी मिली कि डॉ. रमीज ने आगरा निवासी महिला डॉ. का धर्मांतरण कराकर निकाह किया था। उसका निकाह पीलीभीत के सदर कोतवाली स्थित फीलखाना मोहल्ले के काजी जाहिद हसन राना ने कराया था।
निकाह के दौरान मोहल्ले का ही शारिक गवाह बना था। चौक पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से काजी और गवाह के घर भी छापा मारकर जानकारी जुटाई थी। जांच के दौरान पुलिस को दोनों लोगों से जुड़ी अहम जानकारियां भी मिलने की बात सामने आई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी डॉक्टर और महिला के पीलीभीत आए बिना ही कूटरचित तरीके से निकाह के कागजात तैयार कराए गए थे।
