क्या होगा थलापति विजय की फिल्म का भविष्य, ‘Jan Nayakan’ निर्माता की याचिका पर 15 जनवरी को करेगा सुनवाई SC 

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Published By Anjali Singh
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दिल्ली। उच्चतम न्यायालय विजय-अभिनीत तमिल फिल्म ‘‘जन नायकन’’ के निर्माता की उस याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगा, जिसमें मद्रास उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को चुनौती दी गई है। अदालत के अंतरिम आदेश में फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से मंजूरी देने के एकल-न्यायाधीश के निर्देश पर रोक लगा दी गई थी। उच्चतम न्यायालय की वाद सूची के अनुसार, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ द्वारा इस मामले की सुनवाई किए जाने की संभावना है। 

मद्रास उच्च न्यायालय ने 9 जनवरी को एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें सीबीएफसी को ‘‘जन नायकन’’ को तुरंत सेंसर प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया गया था। इसी रोक के साथ विजय की फिल्म का भविष्य अधर में लटक गया।

केवीएन प्रोडक्शंस एलएलपी ने पिछले शुक्रवार को उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ द्वारा पारित उस आदेश के खिलाफ अपील दायर की, जिसमें फिल्म का प्रमाणन तत्काल जारी करने संबंधी एकल पीठ के निर्देश पर रोक लगा दी थी। 

विजय ने कुछ महीने पहले अपना राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) बनाया है और ‘‘जन नायकन’’ को विजय के राजनीति में पूरी तरह से प्रवेश से पहले उनकी आखिरी फिल्म के तौर पर बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जा रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, फिल्म पोंगल के अवसर पर 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी। हालांकि, सीबीएफसी के समय पर प्रमाणपत्र जारी नहीं करने के बाद फिल्म को आखिरी समय में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 

खंडपीठ का आदेश 9 जनवरी को उस समय आया जब न्यायमूर्ति पी टी आशा ने सीबीएफसी को फिल्म ‘‘जन नायकन’’ को मंजूरी देने का निर्देश दिया और इस मामले को समीक्षा समिति के पास भेजने का बोर्ड का निर्देश खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश एम एम श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने सीबीएफसी द्वारा दायर अपील पर एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ अंतरिम रोक लगा दी। 

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