विदेशियों को लुभाया तिल का लड्डू-रेवड़ी, मकर संक्रांति पर शहर में हुआ 50 लाख का निर्यात कारोबार

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Published By Anjali Singh
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कानपुर, अमृत विचार। मकर संक्रांति और लोहड़ी पर निर्यातकों को इस बार विदेशी बाजार भी हासिल हुआ है। यह बाजार खासतौर पर तिला की सामग्रियों के रूप में हैं। इनमें तिल के लड्डू, रेवड़ी, लइया व तिल पट्टी सहित अन्य मीठे उत्पाद शामिल हैं। निर्यातकों ने कनाडा, जर्मनी व बेल्जियम में लगभग 50 लाख रुपये के उत्पाद भेजे हैं। नए बाजार को अब निर्यात विशेषज्ञ तीन साल में लगभग 4 गुना किए जाने की योजना पर काम कर रहे हैं। 

शहर का निर्यात कारोबार लगभग दस हजार करोड़ रुपये का है। इनमें सबसे अधिक हिस्सा लेदर,टेक्सटाइल, गामेंठ्स और मशीनरी का है। फिलहाल शहर में फूड सेक्टर से जुड़ा कारोबार लगभग 5 सौ करोड़ रुपये के आस-पास है। इनमें यूरोप और अमेरिका सबसे बड़ी मार्केट मानी जाती है। अमेरिका की ओर से टैरिफ लगाए जाने के बाद अमेरिका क बाजार में फूड सेक्टर से जुड़ा निर्यात कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। 

ऐसे में शहर के निर्यातक त्योहार से जोड़ते हुए पारंपरिक मिठाई का एक नया बाजार तैयार कर रहे हैं। खास बात यह है कि यह बाजार पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना हो गया है। अब इस बाजार को एक अवसर मानकर चल रहे हैं। निर्यात विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय पर्व विदेश में रहने वाले भारतवाशियों के लिए भी बेहत महत्वपूर्ण होते हैं। पर्व में कई तरह के खाद्य उत्पाद इस्तेमाल होते हैं। ऐसे में शहर के निर्यातकों के लिए यह एक बड़ा बाजार बन सकता है। 

खासतौर पर नए निर्यातक जिनके पास पूंजी थोड़ी कम हैं वे इस तरह के बाजार में अपने उत्पादों को भेज सकते हैं। पारंपरिक पर्व बाजार पर फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑग्रनाइजेशन (फियो) के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में लगभग दो सौ नए निर्यातक हैं जिन्होंने एक साल के भीतर ही निर्यात बाजार में कदम रखा है। अमेरिका की ओर से टैरिफ लगाए जाने के बाद वैश्विक बाजार की स्थितियां बदल गई हैं। ऐसे में विदेश में रहने वाल भारतीय एक बड़ा बाजार बन सकते हैं।   

बाजार समझाया जाएगा

फियो की ओर से नए निर्यातकों को इस तरह के नए बाजार में उतरने के लिए काउंसिलिंग की जा रही है। खास बात यह है कि रोजाना एक से दो नए निर्यातक टैरिफ लगने के बाद समस्याएं लेकर फियो के अधिकारियों के पास आ रहे हैं। उन निर्यातकों को भी छोटे स्तर पर फूड सेक्टर से जुड़े उत्पादों को विदेशों में उतारे जाने की सलाह दी जा रही है।  

एफटीए पर भी जोर

नए निर्यातकों को भारत की ओर से ऐसे देशों की सूची भी नए निर्यातकों को दी जा रही है जहां पर हाल ही में एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रिमेंट) हुआ है। ऐसे देशों की सूची के साथ ही उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि यह देश अन्य मुल्क के मुकाबले अधिक उत्पादों को खरीद सकते हैं। इसकी वजह इन देशों में दूसरे देशों के मुकाबले टैक्स में कमी होना है। उसमें भी ऐसे देश जहां पर भारतीयों की संख्या अधिक हैं वहां के बारे में भी उन्हें बताया जा रहा है। 

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