Moradabad: सुप्रीम आदेश के बाद कुत्तों और छुट्टा पशुओं से निजात की जगी आस
मुरादाबाद, अमृत विचार। सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों से कुत्तों और पशुओं को सड़कों से हटाने के आदेश जारी किए है। जिससे लोगों में इनसे निजात की उम्मीद जगी है। हालांकि महानगर में सड़कों पर छुट्टा पशु और कुत्ते हमेश की तरह विचरण करते रहे। कुत्तों के काटने से अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने वाले भी कई पीड़ित पहुंचे।
महानगर में कुछ महीने पहले एक बुजुर्ग पर सांड़ ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था जिसमें बुजुर्ग की जान चली गई थी। वहीं पाकबड़ा में पिछले महीने एक बुजुर्ग महिला को सांड़ ने पटक कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। इसके बाद भी नगर निगम व नगर पंचायतों की ओर से निकाय क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से सड़कों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों में घूमने वाले छुट्टा पशुओं और कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
कई बार रस्म अदायगी के लिए अभियान चलते हैं फिर कुछ दिन बाद ठप हो जाता है। जबकि नगर निगम की ओर से एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर भी बनाया गया है। जहां कुत्तों को पकड़ कर ले जाने के बाद उनका स्टर्लाइजेशन किया जाता है जिससे उनकी आबादी को नियंत्रित किया जा सके। फिर भी सड़कों पर जहां तहां स्ट्रीट डॉग्स आज भी घूम रहे हैं। महानगर के आशियाना कॉलोनी के पास रामंगगा विहार वाली रोड पर गुरुवार को भी कुत्ते घूमते दिखे। वहीं जिला अस्पताल में भी डॉग बाइट के शिकार लोग एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे थे।
प्रतिदिन 70-75 नये मरीज आ रहे अस्पताल
जिला अस्पताल में एआरवी इंजेक्शन कक्ष की प्रभारी चिकित्सक डॉ. मोनिका ने बताया कि ठंड के दिनों में भी प्रतिदिन 70-75 डॉग बाइट के पीड़ित इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं। जबकि पुराने पीड़ित भी फालोअप इंजेक्शन लगवाने के लिए आते हैं।
नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने बताया कि निगम की ओर से छुट्टा गोवंश और कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है। इसे और प्रभावी और सख्त करेंगे। निगम की ओर से पकड़ कर उनका स्टरलाइजेशन कराया जाता है। जिससे उनकी संख्या नियंत्रित हो सके। साथ ही अब निगम प्रशासन महानगर की कॉलोनियों व आबादी क्षेत्र में भैंस पालकर उनका गोबर नालियों में डालने और शहर में सड़कों पर छोड़ने वालों पर भी कार्रवाई करेंगे। ऐसी भैंसों को जब्त करेंगे।
