Moradabad: टैरिफ से विदेशों में फीकी हुई पीतल के उत्पादों की चमक, निर्यात 60 प्रतिशत गिरा
विनोद श्रीवास्तव, मुरादाबाद। मुरादाबाद से देश विदेश में 10 हजार करोड़ रुपये के पीतल उत्पादों का निर्यात होता था, लेकिन ट्रंप टैरिफ के वार से इस समय विदेशों में पीतलनगरी के उत्पादों की चमक फीकी पड़ गई है। कारोबार लगभग ठप होने से निर्यातकों में मायूसी छाई है। वह सरकार से विशेष राहत की आस लगाए हैं।
विश्व प्रसिद्ध पीतलनगरी मुरादाबाद से अमेरिका, जापान, रुस, यूक्रेन सहित अन्य कई देशों को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है। हस्तशिल्प निर्यात में 40% की हिस्सेदारी मुरादाबाद के निर्यातकों की है। देश दुनिया के हर कोने में पीतल नगरी का उत्पाद पहुंचता है। उत्कृष्ट नक्काशी व गुणवत्ता के चलते यहां के उत्पादों की विदेशों में खूब मांग रहती है। विश्व के प्रमुख देशों यूएसए, यूके, यूएई सहित अन्य कई बड़े देशों को पीतलनगरी के उत्पादों का निर्यात किया जाता है।
प्रधानमंत्री भी कर चुके हैं मुरादाबाद के शिल्प गुरु दिलशाद हुसैन की सराहना
पीतल की कारीगरी की विदेशों में खूब धूम रही है। विश्व पटल पर यहां के ब्रास उत्पादों पर उत्कृष्ट नक्काशी की मांग रहती है। पीतल के उत्पादों पर बेहतरीन नक्काशी के बूते यहां के शिल्प गुरु दिलशाद हुसैन और बाबूराम यादव को भारत सरकार ने पद्मश्री से नवाजा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिल्पगुरु दिलशाद हुसैन के शिल्पकारी की तारीफ कर चुके हैं।
निर्यातकों का दर्द
ट्रंप के टैरिफ ने भारत के निर्यातकों की स्थिति दयनीय कर दी है। मुरादाबाद की ब्रास इंडस्ट्री भी बुरी तरह प्रभावित है। पहले लगभग 10,000 करोड़ का पीतल उत्पादों का निर्यात विदेशों में होता था। इस समय 60 प्रतिशत कारोबार कम हो गया है। क्रिसमस, नया साल निर्यातकों के लिए काफी अच्छा होता था, लेकिन इस समय हालत दयनीय और कारोबार लगभग ठप है। फरवरी में ग्रेटर नोयडा में होने वाले फेयर में बॉयर के आने पर कुछ उम्मीद है, वास्तविक स्थिति इस फेयर में खरीदारों के रिस्पांस पर निर्भर है। अभी तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने और कड़े कदम उठाने की बात कही है।- अवधेश अग्रवाल, निर्यातक, मुख्य संयोजक ईपीसीएच।
आज के दौर में स्थिति बहुत खराब है। किसी आर्टिजन के पास कोई काम नहीं है। अमेरिका के टैरिफ से निर्यात बुरी तरह प्रभावित है। अमेरिका, वेनेजुएला टकराव से हालत और खराब होने की स्थिति लग रही है। सरकार से उम्मीद है कॉपर शीट व अन्य कच्चे माल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करे, साथ ही इनकी जमाखोरी रोके। हम चाहते हैं कि सरकार निर्यातकों को राहत देने के लिए और ठोस कदम उठाए। - नजमुल इस्लाम, निर्यातक, संरक्षक मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट्रर्स एसोसिएशन
