ग्राम चौपालों में 'विकसित भारत-जी राम जी' अधिनियम का व्यापक प्रचार हो : केशव मौर्य
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण विकास कार्यों को और तेज़ गति देने के निर्देश देते हुए कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्राम चौपालों के माध्यम से "विकसित भारत-जी राम जी" अधिनियम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि गांवों में रहने वाले लोग इस कानून के उद्देश्यों और लाभों को भली-भांति समझ सकें।
गुरुवार को अपने कैम्प कार्यालय में ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों से कहा कि सभी विकास कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं। योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए नियमित निगरानी अनिवार्य की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि प्रत्येक शुक्रवार को हर विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। इन चौपालों को और अधिक व्यवस्थित रूप देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव में ही किया जाए। साथ ही ग्राम चौपालों में "विकसित भारत-जी राम जी" अधिनियम की जानकारी देने, इसके महत्व पर प्रकाश डालने और पंपलेट वितरित करने को कहा गया है। स्वयं सहायता समूहों और दीदियों की सक्रिय सहभागिता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पारित विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस अधिनियम के तहत रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है और मजदूरी भुगतान को सरल व पारदर्शी बनाया गया है। किसानों के हित में बुआई और कटाई के समय 60 दिन तक कार्य विराम का प्रावधान भी किया गया है।
