यूपी में बढ़ा आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट, युवाओं के लिए नए अवसर

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में योगी सरकार ने तेज उछाल दर्ज की है। जहां इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात में 11 गुना से अधिक बढ़ा है, वहीं निवेश और रोजगार के साथ आईटी आधारित सेवाओं का निर्यात भी डेढ़ गुना बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2030 तक देश के कुल आईटी निर्यात में प्रदेश की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है।

बेहतर होते इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश-अनुकूल नीतियों और मजबूत कानून व्यवस्था के चलते प्रदेश अब आईटी सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। वर्ष 2017 के बाद से इस सेक्टर में हुई उल्लेखनीय प्रगति ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है। 

आईटी सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के संयुक्त विकास ने उत्तर प्रदेश के निर्यात आधार को व्यापक बनाया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र और लखनऊ जैसे शहर अब आईटी सेवाओं, मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और डेटा आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। प्रदेश में स्थापित हो रही असेम्बली यूनिट्स, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और आईटी सर्विस कंपनियों ने निर्यात क्षमता को नई मजबूती दी है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2017 में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात लगभग 3,862 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी तरह आईटी आधारित सेवाओं का निर्यात 55,711 करोड़ रुपये से बढ़कर 82,055 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यह वृद्धि केवल संख्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक ढांचे और वैश्विक कंपनियों के बढ़ते भरोसे को भी दर्शाती है।

युवाओं के लिए खुल रहे नए अवसर

इस तेज विकास का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात आधारित उद्योगों से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो रहे हैं। तकनीकी प्रशिक्षण, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार से युवा अब केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के वाहक बन रहे हैं।

नीतिगत सुधारों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

योगी सरकार द्वारा किए गए नीतिगत सुधारों ने निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। सिंगल विंडो सिस्टम, बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और आधुनिक औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना दिया है। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि, निर्यात विस्तार और रोजगार सृजन में और बड़ी भूमिका निभाएगा।

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