अमेठी में अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी, SDM के खिलाफ जांच समिति गठित
अमेठीः अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में तैनात उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अभिनव कन्नौजिया के विरुद्ध लगे आरोपों की जांच के लिए जिलाधिकारी संजय चौहान ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। इस बीच एसडीएम को हटाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चार जनवरी को अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर एसडीएम पर भ्रष्टाचार, अभद्र व्यवहार और न्यायिक कार्यों में अनियमितता जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित करने के आदेश दिए।
अधिवक्ता संघ का कहना है कि एसडीएम लगातार अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और रिश्वतखोरी में लिप्त हैं। संघ के जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर एसडीएम महिला लेखपाल को आगे कर देते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी एसडीएम की तैनाती विवादों के चलते दो बार हटाई जा चुकी है।
अधिवक्ता संघ संतुष्टिकरण की ओर से बताया गया कि 30 दिसंबर से आंदोलन जारी है और पांच तथा छह जनवरी को 22 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके विरोध में 15 जनवरी को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अधिवक्ता भवन में सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक धरना देने तथा राष्ट्रपति के पुतले का दहन करने का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई है।
एसडीएम के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान अधिवक्ताओं और राजस्व कर्मचारियों के बीच कई बार टकराव की स्थिति भी बनी है, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया है। फिलहाल सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो एक माह के भीतर प्रस्तुत की जाएगी।
