पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के स्थापना दिवस पर बोले- डीजीपी राजीव कृष्ण - स्मार्ट, संवेदनशील और जन-विश्वास आधारित होगी भविष्य की पुलिसिंग
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के छठें स्थापना दिवस पर रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन परिसर, महानगर में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने कहा कि लखनऊ पुलिस ने 2020 के बाद साइबर अपराधों को तकनीकी प्राथमिकता के रूप में विकसित किया है। इसके तहत समर्पित साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल और हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है।
अपने सम्बोधन में डीजीपी राजीव ने उप निरीक्षकों को साइबर ठगी एवं आईटी एक्ट से जुड़ी विवेचनाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिसिंग स्मार्ट, संवेदनशील और जन-विश्वास आधारित होगी। तकनीक साधन है, लेकिन सफलता की असली कसौटी आम नागरिक को शीघ्र न्याय और राहत देना है। पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर ने कहा कि कमिश्नरेट लखनऊ ने अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, वीवीआईपी सुरक्षा, जनसंपर्क और पुलिस कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
उन्होंने कहा कि लखनऊ पुलिस अपराधियों के साथ-साथ अपराध की जड़ों और अवैध आर्थिक स्रोतों पर भी निर्णायक प्रहार कर रही है। उन्होंने दोहराया कि "पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ सुरक्षा, सेवा एवं विश्वास के मूल मंत्र के साथ भविष्य में भी अधिक सशक्त, आधुनिक एवं संवेदनशील पुलिसिंग प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है।" समारोह के दौरान साइबर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं, कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक दायित्वों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 150 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि डीजीपी राजीव कृष्णा ने स्वयं 19 पुलिसकर्मियों को व्यक्तिगत रूप से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दीं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के निर्णय के तहत 13 जनवरी 2020 को लखनऊ में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई थी। इस व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुदृढ़, आधुनिक एवं जनोन्मुखी बनाना है।
पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद बीते छह वर्षों में लखनऊ की पुलिसिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। संगीन अपराधों जैसे हत्या, लूट और डकैती में कमी आई है। विशेष रूप से वर्ष 2025 में लखनऊ में डकैती की एक भी घटना न होना कमिश्नरेट की प्रभावी कार्यप्रणाली का प्रमाण बताया गया। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सेफ सिटी अवधारणा पर काम किया गया, जिसका परिणाम यह रहा कि महिला संबंधी अपराधों में लगभग 20 फीसद की कमी दर्ज की गई।
समारोह में कमिश्नरेट लखनऊ के पूर्व पुलिस आयुक्त ध्रुवकांत ठाकुर, पुलिस महानिदेशक एसएसएफ/नागरिक सुरक्षा श्रीपद् शिरडकर, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, राजपत्रित अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
