UP : शाहजहांपुर में लाट साहब के जुलूस को लेकर तिरपाल से ढक दिए गए धार्मिक स्थल
शहर में सौ से ज्यादा स्थान चिन्हित, एडीजी और आईजी ने सुरक्षा व्यवस्था तैयारियां किया लिया जायजा
शाहजहांपुर, अमृत विचार। होली के मौके पर निकलने वाले मशहूर लाट साहब जुलूस को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जुलूस मार्ग पर पड़ने वाले धार्मिक स्थलों को तिरपाल से ढकने का काम शुरू हो गया है। साथ ही बिजली के ट्रांसफार्मरों को कवर किया जा रहा है और खंभों पर पन्नी बांधी जा रही है, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
चौक कोतवाली क्षेत्र से निकलने वाले बड़े लाट साहब जुलूस के लिए 112 स्थानों और सदर थाना क्षेत्र में 71 स्थानों को ढकने की व्यवस्था की गई है। धार्मिक स्थलों के सामने बैरिकेडिंग भी कराई जाएगी। आरसी मिशन क्षेत्र में निकलने वाले छोटे लाट साहब जुलूस के लिए 58 धार्मिक स्थलों को चिह्नित किया गया है। अन्य छोटे जुलूसों के लिए 30 स्थानों पर भी सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कुछ अतिरिक्त गलियों में भी बैरिकेडिंग कराई जा रही है। शनिवार रात एडीजी रमित शर्मा ने अधिकारियों के साथ चौक कोतवाली में शांति समिति की बैठक की। व्यापारियों से सुझाव लिए गए और जुलूस मार्ग का पैदल निरीक्षण किया गया। बाद में पुलिस लाइन में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह और एसपी राजेश द्विवेदी के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की गई।
आईजी अजय कुमार साहनी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होली के दौरान संभावित चुनौतियों, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थानों तथा पूर्व की घटनाओं की समीक्षा कर आवश्यक कदमों पर चर्चा की। जुलूस में डीजे शामिल करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। आयोजकों का कहना है कि लाट साहब की सवारी के पीछे डीजे चलने से हुड़दंग में कमी आ सकती है।
इस संबंध में एसपी से बातचीत हुई है, लेकिन अंतिम निर्णय होना बाकी है। शहर का यह जुलूस देशभर में अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है। होली के दिन एक व्यक्ति को लाट साहब बनाकर भैंसागाड़ी पर बैठाया जाता है और उस पर जूते-चप्पल बरसाकर स्वागत किया जाता है। संभावित हुड़दंग को देखते हुए जनवरी से ही प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी थीं और लगातार बैठकें की जा रही हैं।
आयोजक संजय वर्मा ने बताया कि जुलूस पुरानी परंपरा के अनुसार ही निकलेगा। इस बार रामपुर का एक युवक लाट साहब बनने के लिए संपर्क में है, जो पिछले वर्ष भी यह भूमिका निभा चुका है। एक अन्य युवक ने भी इच्छा जताई है। एडीजी रमित शर्मा ने कहा कि जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। आयोजकों से पिछली कमियों पर सुझाव लिए गए हैं। किसी भी तरह की अराजकता की सूचना तत्काल देने को कहा गया है।
