Moradabad: खूब पीएं पानी...कम होगा हार्ट अटैक का खतरा, ठंड में गाढ़ा हो जाता है खून
मुरादाबाद, अमृत विचार। सर्दी के मौसम में प्यास कम लगने के कारण लोग अक्सर पानी कम पीते हैं। चिकित्सकों का मानना है कि पानी की यह कमी शरीर के लिए बेहद हानिकारक हो सकती है। पानी कम पीने से खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार सिंह ने बताया कि पहले की तुलना में ऐसे मरीजों की संख्या में तीन गुना वृद्धि देखी गई है। जहां पहले प्रतिदिन 20-25 मरीज आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 60 अधिक हो गई है।
जब शरीर में पानी की मात्रा कम होती है तो खून गाढ़ा हो जाता है और रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है। ठंड के मौसम में धमनियां सिकुड़ने के कारण ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है। यह बढ़ा हुआ दवाव सीधे दिल की धमनियों और दिमाग की नसों पर पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। कम पानी पीने से नींद के दौरान दिल की धड़कन धीमी पड़ने से कार्डियक अरेस्ट का खतरा भी बढ़ जाता है।
कई मरीज धड़कन नियंत्रित न होने, बेचैनी और हार्ट अटैक की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए सर्दी के मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। वसायुक्त भोजन, फास्ट फूड और जंक फूड का सेवन सीमित मात्रा में करें। इसके अलावा, शरीर को गर्म रखने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और सिर व कानों को ढक कर रखें। यह उपाय न केवल ठंड से बचाएंगे बल्कि हृदय को भी सुरक्षित रखने में मदद करेंगे। दवाओं से ज्यादा सही खानपान की जरूरत है।
पीते रहें गुनगुना पानी
उन्होंने बताया कि सर्दी में भी बिना प्यास लगे गुनगुना पानी पीतें रहना चाहिए। इससे खून पतला रहता है और शरीर में फुर्ती बनी रहती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक की आशंका कम होती है। विशेष रूप से उन लोगों को सावधान बरतनी जरूरी है जिनकी दिल की धड़कन कम रहती है। ऐसे लोगों को डॉक्टर द्वारा बताई गई निर्धारित मात्रा सेवन करना चाहिए। इन रोगियों के लिए अधिक पानी पीना घातक साबित हो सकता है।
