विजिलेंस टीम होगी अब GPS युक्त... बॉडी वॉर्न कैमरों से होंगे लैस... BWC से होगी बिजली चोरी की जांच
लखनऊ, अमृत विचार: बिजली विभाग की विजिलेंस टीम और जांच दल को जीपीएस युक्त बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस करने को मंजूरी मिल गई है। बॉडी वॉर्न कैमरा (BWC) लगा होने से विजिलेंस टीम की हर जांच और कार्रवाई रिकॉर्ड में रहेगी। कैमरों में जीपीएस होने से ये भी पता चलेगा कि टीम किस स्थान पर, कितनी देर तक और किस प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है। इससे न केवल जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि उपभोक्ताओं के उत्पीड़न और कथित भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।
बिजली चोरी के मामलों में निष्पक्ष और ईमानदार कार्रवाई को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप रहे हैं कि जांच के दौरान छोटे उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है, वहीं बड़े मामलों में साठ-गांठ कर कार्रवाई से बचा लिया जाता है। इससे उपभोक्ताओं का उत्पीड़न होने के साथ-साथ सरकार और बिजली विभाग की छवि को भी नुकसान पहुंचता रहा है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि बॉडी वॉर्न कैमरे से विजिलेंस टीम के कामकाज में पारदर्शिता आने के साथ उपभोक्ताओं का उत्पीड़न भी रुकेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे बिजली चोरी के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई संभव हो सकेगी। मालूम हो कि कि प्रदेश में हर साल लगभग 5000 करोड़ रुपये की बिजली चोरी होती है। ऐसे में बॉडी वॉर्न कैमरा व्यवस्था को बिजली चोरी पर लगाम लगाने और विभाग की कार्यप्रणाली को जवाबदेह बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
