राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह : अयोध्या में सड़क सुरक्षा माह की खिल्ली उड़ा रहे जुगाड़ू वाहन, अनदेखी कर रही यातायात पुलिस व परिवहन विभाग

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

अयोध्या, अमृत विचार : जनवरी माह को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, लेकिन रामनगरी की सड़कों पर जुगाड़ू वाहन खुलेआम दौड़ रहे हैं, जिन पर कोई रोक-टोक नहीं दिख रही।

यह जुगाड़ू वाहन मुख्य रूप से पुरानी बाइक या स्कूटर को ठेले या रेहड़ी से जोड़कर बनाए जाते हैं। इनमें माल ढोने की क्षमता बढ़ा दी जाती है, लेकिन सुरक्षा के मानक पूरी तरह अनदेखे रहते हैं। ऐसे वाहनों में ब्रेकिंग सिस्टम बेहद कमजोर होता है। अचानक ब्रेक लगाने पर वाहन असंतुलित हो जाता है, जिससे दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। 

कई मामलों में ब्रेक फेल होने पर सवार को उतरकर लकड़ी का टुकड़ा लगाकर वाहन रोकना पड़ता है। स्थानीय बाजारों, गांवों और हाईवे किनारे इन वाहनों का उपयोग सामान ढोने के लिए आम है। यहीं नहीं रामनगरी में भारी भीड़ के बावजूद भी यह वाहन खुलेआम दौड़ते हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है।

नहीं रहता रजिस्ट्रेशन नंबर, फिटनेस, हेलमेट दूर की बात

-आमतौर पर यह जुगाड़ वाहन पुराने बाइक व स्कूटर को आधा काटकर, उसके पीछे रेहड़ी या ठेले को जोड़ दिया जाता है। बाइक आदि को आधा काटने के कारण इन पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर ही नहीं रहता है। फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस, ड्राइविंग लाइसेंस व हेलमेट आदि दूर की बात है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत इस तरह के मॉडीफाई वाहन अवैध हैं। फिर भी इन पर कार्रवाई न के बराबर हो रही है।

सड़क सुरक्षा से हो रहा समझौता

-सड़क सुरक्षा माह में यातायात पुलिस व परिवहन विभाग हेलमेट, सीट बेल्ट और ओवरस्पीडिंग पर फोकस कर रही है, लेकिन जुगाड़ वाहनों को देखकर भी अधिकारी अंजान बन रहे हैं। समाजसेवी सुभाष जायसवाल का कहना है कि यह वाहन गरीबों की आजीविका का साधन हैं, इसलिए अनदेखी की जाती है, लेकिन इससे सड़क सुरक्षा से समझौता हो रहा है।

किसी भी वाहन को बिना अनुमति मॉडिफाई कराना अवैध है। बिना रजिस्ट्रेशन, फिटनेस सर्टिफिकेट के वाहन चलाना भी नियमों का उल्लंघन है। अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।-डॉ आरपी सिंह, एआरटीओ।

ये भी पढ़े : 
श्रीअन्न खरीद में योगी सरकार ने तोड़ा पिछला रिकॉर्ड, किसानों ने सरकारी खरीद को दी प्राथमिकता

संबंधित समाचार