लखनऊ : सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 35 लाख ऐंठे, भेजा जाली नियुक्ति पत्र
लखनऊ, अमृत विचार : कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय में ओएसडी का स्टेनो बनकर जालसाज ने ग्राम विकास अधिकारी या समाज कल्याण विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर दो भाइयों से 35 लाख रुपये ऐंठ लिए। नौकरी के नाम पर टालमटोल देख पीड़ित ने छानबीन की तो पता चला कि आरोपी को नौकरी से निकाला जा चुका है। संपर्क करने पर आरोपी ने पीड़ित ने घर के पते पर नियुक्ति पत्र भेज दिए। पीड़ित भाई नौकरी के लिए समाज कल्याण विभाग पहुंचे तो जाली नियुक्ति पत्र का पता चला। एसीपी हजरतगंज विकास कुमार जायसवाल के आदेश पर हजरतगंज पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
हुसैनगंज स्थित स्टेशन रोड निवासी प्रशांत कुमार दुबे ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व अलीगंज स्थित चौधरी टोला निवासी निखिल वर्मा से मुलाकात हुई थी। उसने खुद को कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी कार्यालय) में ओएसडी का स्टेनो बताया था। बातचीत में आरोपी ने ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए उसकी व उसके भाइयों की ग्राम विकास अधिकारी या समाज कल्याण पर्यवेक्षक के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। नौकरी लगवाने के लिए आरोपित ने 2 जून 2023 से जनवरी 2025 तक 35 लाख रुपये नकद और खातों में लिए।
इसके अलावा पीड़ित के भाई के मूल शैक्षिक दस्तावेज और 5-5 लाख रुपये के दो चेक भी लिए थे। पीड़ित के मुताबिक आरोपित ने रुपये लेने के बावजूद नौकरी नहीं लगवाई। शक होने पर पीड़ित ने एपीसी कार्यालय में छानबीन की तो पता चला कि निखिल को जनवरी 2025 में नौकरी से निकाला जा चुका है। नौकरी के लिए दबाव बनाने पर आरोपी ने उनके व उनके भाई के नाम से समाज कल्याण विभाग दो अलग-अलग पदों के नियुक्ति पत्र गांव के पते पर भेज दिए।
पीड़ित भाई संग ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। फर्जीवाड़े का पता चलने पर पीड़ित ने विरोध कर रुपये वापस मांगे। आरोपी ने रुपये वापस करने का आश्वासन दिया, लेकिन रुपये वापस नहीं किए। दबाव बनाने पर आरोपी निखिल ने जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित प्रशांत का आरोप है कि निखिल वर्मा अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का गिरोह चलाता है। हजरतगंज पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
