ठंड में नवजातों की सुरक्षा को लेकर सीएमओ ने जारी की एडवाइजरी, माता-पिता भी रहें अलर्ट
कमजोर प्रतिरक्षा वाले शिशुओं को ठंड से बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
लखनऊ, अमृत विचार : ठंड के मौसम में नवजात शिशुओं को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है, क्योंकि उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और वे अपने शरीर का तापमान स्वयं नियंत्रित नहीं कर पाते। इसे देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एनबी सिंह ने नवजातों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है।
सीएमओ ने सभी चिकित्सा प्रभारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर समुदाय को बच्चों और नवजात शिशुओं को ठंड से बचाने के उपायों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी नवजात को ठंड लगने, सांस लेने में परेशानी या असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर लाया जाए।
सीएमओ ने कम वजन वाले नवजात शिशुओं के लिए कंगारू मदर केयर (केएमसी) पद्धति को अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस पद्धति की जानकारी अभिभावकों और परिवार के सदस्यों को दी जाए, ताकि नवजात को ठंड से सुरक्षित रखा जा सके। नवजात को ठंड से बचाना केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी है।
शरीर को रखें पर्याप्त गर्म
डॉक्टरों के अनुसार नवजात को मौसम के अनुरूप कपड़े पहनाना अत्यंत आवश्यक है। सूती कपड़ों के ऊपर हल्के ऊनी कपड़े पहनाए जाएं। सिर, हाथ और पैर अवश्य ढके रहें, क्योंकि शरीर की अधिकतर गर्मी इन्हीं हिस्सों से निकलती है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे को जरूरत से ज्यादा कपड़े न पहनाएं, जिससे पसीना आने लगे।
कमरे का तापमान रखें संतुलित
नवजात को ठंडी हवा से बचाना जरूरी है। कमरे में हवा का सीधा प्रवाह न हो। यदि हीटर या ब्लोअर का उपयोग किया जाए, तो उसे बच्चे से सुरक्षित दूरी पर रखें। धुएं वाले साधनों का प्रयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे बच्चे की सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
कंगारू केयर है सबसे कारगर उपाय
मां या पिता की छाती से बच्चे को लगाकर रखने की प्रक्रिया को कंगारू केयर कहा जाता है। यह तरीका नवजात को गर्म रखने के साथ-साथ उसके मानसिक और शारीरिक विकास में भी सहायक होता है। विशेष रूप से कम वजन वाले नवजात शिशुओं के लिए यह अत्यंत लाभकारी है।
स्तनपान से मिलती है प्राकृतिक सुरक्षा
मां का दूध नवजात के लिए सर्वोत्तम आहार है। यह न केवल ऊर्जा प्रदान करता है, बल्कि ठंड और संक्रमण से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाता है। सर्दियों में नियमित अंतराल पर स्तनपान कराना बेहद जरूरी है।
नहलाने में बरतें विशेष सावधानी
ठंड के मौसम में रोजाना नवजात को नहलाने की आवश्यकता नहीं होती। 2 से 3 दिन में एक बार गुनगुने पानी से स्नान कराना पर्याप्त है। स्नान के तुरंत बाद बच्चे को अच्छी तरह सुखाकर गर्म कपड़े पहनाएं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
यदि नवजात के हाथ-पैर अत्यधिक ठंडे हो जाएं, वह दूध न पिए, सुस्त दिखाई दे या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
