मेरठ अपहरण-हत्याकांड : मां की हत्या से टूटी बेटी, कपसाड़ गांव के चप्पे-चप्पे पर फोर्स का पहरा
लखनऊ, अमृत विचार : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में दिन-दहाड़े घर में घुसकर अनुसूचित जाति की लड़की को उठा ले जाने और विरोध पर उसकी मां की हत्या की घटना से पूरा इलाका सन्न है। पुलिस ने आरोपी पारस सोम को रुड़की से गिरफ्तार करके रविवार को जेल भेजा दिया। लड़की को मेडिकल कॉलेज के आशा ज्योति केंद्र पर रखकर उसकी काउंसलिंग की जा रही है। पिछले पांच दिन से मेरठ का सरधना क्षेत्र पुलिस के कड़े पहरे में है। विपक्ष की एंट्री बैन है। गांव वालों को भी मनमर्जी से घूमने की अनुमति नहीं है।
अपहरण और हत्याकांड की घटना सरधना के कपसाड़ गांव की है। बृहस्पतिवार को पारस सोम सुनीता के घर में घुसा। उनकी बेटी रूबी का अपहरण किया। मां ने विरोध किया तो फरसे से हमला कर दिया और रूबी को लेकर फरार हो गया। बाद में इलाज के दौरान सुनीता की मौत हो गई।
मां की हत्या और बेटी के अपहरण की इस जघन्य घटना ने पश्चिमी यूपी को हिलाकर रख दिया। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर विपक्ष आक्रामक हुआ। समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने कपसाड़ का रुख किया। नेताओं की बढ़ती हलचल के बीच पुलिस ने यहां कड़ा पहरा लगा दिया।
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विधायक अतुल प्रधान, सपा सांसद रामजी लाल सुमन, नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कपसाड़ का रुख किया। इसके अलावा कांग्रेस और अन्य दलों के नेता भी वहां के लिए निकले। लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। धक्का-मुक्की और धरना-प्रदर्शन हुए।
उधर, पुलिस आरोपी पारस सोम की खोज में जुटी रही। शनिवार को उसे रुड़की से पकड़ा गया। रविवार को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया। पुलिस ने बरामद युवती के कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। बताया जा रहा कि युवती ने आरोपी के खिलाफ गवाही दी है। कोर्ट में पेशी के दौरान रविवार के दिन परिसर छावनी में तब्दील रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा था।
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आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी कपसाड़ गांव में भारी फोर्स लगी है। तनाव के हालात के बीच पुलिस यहां शांति बहाली के प्रयास में जुटी है। सख्ती इस कदर है कि राजनीतिक या सामाजिक लोग तो छोड़िए, गांव के आम लोगों को भी पीड़ित परिवार के घर के आसपास फटकने की अनुमति नहीं है।
पुलिस के सीनियर अधिकारी घटनाक्रम पर नजर बनाए हैं और पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। रविवार को भी डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी, आरोपी की पेशी से लेकर जेल भेजने तक की अपडेट लेते रहे। शासन से भी इस प्रकरण की मॉनीटरिंग की जा रही है। यही कारण है कि आरोपी को पांच दिन के अंदर गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेज दिया गया।
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हालांकि परिवार के आंसू पोछने वाला कोई नहीं है। आरोपी के कब्जे से बरामद बेटी, मां की मौत से टूट चुकी है। उसकी काउंसलिंग की जा रही है।
उधर, आरोपी पारस सोम जेल जाने के दौरान खुद को बेकसूर बताकर बचाने के लिए चिल्लाता रहा। पुलिस इस केस के साक्ष्य जुटाने में लगी है। हत्या में बरामद फरसा और अन्य चीजें बरामद जाएंगी।
