KGMU Conversion Case Update: डॉक्टर रमीज के खिलाफ 800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल... सात धाराओं का किया गया जिक्र, माता-पिता और सहयोगी का भी नाम

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Published By Muskan Dixit
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दो युवतियों से दुष्कर्म, गर्भपात, धर्मांतरण के आरोप, वीडियो भी साक्ष्य

लखनऊ, अमृत विचार: केजीएमयू की महिला जूनियर रेजिडेंट से दुष्कर्म, गर्भपात और धर्मांतरण के मामले में चौक पुलिस ने मुख्य आरोपी डा. रमीजुद्दीन नायक, उसके माता-पिता व सहयोगी के खिलाफ 800 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में पुलिस ने कई अहम तथ्य शामिल किये हैं। जिसमें बताया कि रमीजुउद्दीन मददगार बनकर युवतियों को फंसाता था। उसके पास से बरामद तीन लैपटाॅप से चार हजार जीबी डाटा मिला, जिसमें पांच सौ से अधिक अश्लील वीडियो और तस्वीरें बरामद हुई हैं।

पैथोलाजी विभाग में तैनात डाॅक्टर रमीजुद्दीन पर महिला रेजिडेंट ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्मांतरण का आरोप लगाया था। धर्मांतरण न करने पर रमीज ने शादी से इनकार कर दिया था, जिससे त्रस्त होकर पीड़िता ने खुदकुशी की कोशिश की थी। पीड़िता की तहरीर पर चौक कोतवाली में पुलिस ने रमीज के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, गर्भपात कराने, धमकी देने, धर्मांतरण समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। 9 जनवरी को चौक पुलिस ने रमीज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उससे दो दिन पहले माता-पिता को जेल भेजा गया था।

जांच में सामने आया कि आरोपी रमीजुद्दीन पहले तो मददगार बताकर पीड़िताओं का विश्वास जीता और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। आरोपी आर्थिक मदद और करियर में सहयोग का भरोसा देकर करीबियां बढ़ाता था। इसके बाद संबंध बनाकर अश्लील वीडियो तैयार करता और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाता था। आरोप है कि इसी दबाव में दो युवतियों के साथ दुष्कर्म, जबरन गर्भपात और धर्मांतरण की घटनाएं हुईं, जिनकी पुष्टि साक्ष्यों से हुई है। चौक पुलिस ने दाखिल चार्जशीट में डा. रमीजुद्दीन के साथ उसके पिता सलीमुद्दीन, मां खतीजा और निकाह में गवाह बने शारिक खान को भी आरोपी बनाया है।

पैरवी के चलते एक माह में आई एफएसएल रिपोर्ट

चौक पुलिस ने डिजिटल उपकरणों को जब्त कर फाॅरेंसिक लैब भेजा था। कई रिमाइंडर और अनुरोध करने के बाद जांच हुई और एक माह के अंदर रिपोर्ट आ गयी। पुलिस ने चार्जशीट में एफएसएल की जांच रिपोर्ट को भी शामिल किया है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य, पीड़िताओं के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाकर सात धाराओं में आरोप तय किए गए हैं, जिनमें दुष्कर्म, जबरन नशीला पदार्थ पिलाना, गर्भपात और मतांतरण समेत अन्य धाराएं शामिल की गई है।

 

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