एकेटीयू में डिजिटल क्रांति! अब सभी कॉलेजों में अनिवार्य होगा स्वयम-एनपीटीईएल लोकल चैप्टर, छात्रों को कोर्स में मिलेगी भारी छूट
लखनऊ, अमृत विचार: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय ने प्रदेश के तकनीकी शिक्षा ढांचे को और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी संस्थानों के लिए अपने परिसर में स्वयम-एनपीटीईएल लोकल चैप्टर स्थापित करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य बीटेक कार्यक्रमों में मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज (एमओओसी) के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना है, जिससे छात्रों को क्रेडिट ट्रांसफर सहित कई शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। यह निर्णय स्नातक शिक्षा संकाय के निर्देशों के माध्यम से जारी किया गया है।
बीटेक पाठ्यक्रमों में मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज के समुचित क्रियान्वयन के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रतिस्पर्धी दौर में पारंपरिक कक्षा शिक्षण से आगे बढ़ने की दिशा में काम कर रहा है। छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों से जोड़कर उद्योग उन्मुख और रोजगार योग्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत तीसरे से आठवें सेमेस्टर तक के बीटेक छात्र स्वयम-एनपीटीईएल के ऑनलाइन कोर्सेज को प्रोग्राम इलेक्टिव या ओपन इलेक्टिव के रूप में चुन सकेंगे। इन कोर्सेज को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार संबंधित नियमित इलेक्टिव विषयों से छूट और क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा दी जाएगी।
संस्थानों के लिए सख्त दिशानिर्देश
सभी संबद्ध कॉलेजों को एक वरिष्ठ संकाय सदस्य को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। नोडल अधिकारी विश्वविद्यालय, स्वयम पोर्टल और एनपीटीईएल के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इसके साथ ही संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि केवल उन्हीं कोर्सेज को अनुमति दी जाए, जिन्हें विश्वविद्यालय ने क्रेडिट ट्रांसफर के लिए मान्यता प्रदान की है।
डिजिटल शिक्षा की ओर बड़ा कदम
इस पहल से प्रदेश के लाखों इंजीनियरिंग छात्रों को देश के प्रतिष्ठित आईआईटी और अन्य अग्रणी संस्थानों के अनुभवी प्रोफेसरों से सीधे सीखने का अवसर मिलेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल छात्रों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि करेगा, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी बेहतर रूप से तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।
