EOW का विशेष 'ऑपरेशन शिकंजा', 8 विशेष टीमों ने 7 दिन में 28 अपराधियों को भेजा जेल

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ने 5 जनवरी से 11 जनवरी तक विशेष ऑपरेशन शिकंजा चलाया। इस दौरान कुल 28 आर्थिक अपराधी गिरफ्तार किये गये। इसके लिए आठ विशेष टीमों ने यूपी के साथ दिल्ली के कई ठिकानों पर लगातार दबिश दी। ईओडब्ल्यू की टीम के हाथ 100 करोड़ की हेराफेरी करने वाला बिल्डर भी लगा।

ईओडब्ल्यू की डीजी नीरा रावत के मुताबिक, भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेशभर में फरार चल रहे आर्थिक अपराधियों पर शिकंजा कसा है। ईओडब्ल्यू ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में यह अभियान चलाया। इसके लिए 8 विशेष टीमें गठित की गई थीं। टीमों ने कई जनपदों में छापेमारी कर वर्षों से फरार अभियुक्तों को दबोचा।

100 करोड़ के बिल्डर घोटाले में बड़ी गिरफ्तारी

गाजियाबाद के बहुचर्चित श्री बालाजी हाइटेक कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड घोटाले (करीब 100 करोड़ रुपये) में ईओडब्ल्यू ने अहम सफलता हासिल की है। इस प्रकरण में अभियुक्त नीरज कुमार मिश्रा, निवासी नोएडा, को 9 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। वह वर्ष 2009 से 2014 तक कंपनी में मैनेजर (एडमिन एवं फाइनेंस) के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से एक ही फ्लैट को कई लोगों को आवंटित कर जनता से करोड़ों रुपये की ठगी की गई। इस मामले में गाजियाबाद में कुल 38 मामले दर्ज हैं। जिनमें से 19 की विवेचना ईओडब्ल्यू कर रही है।

वीडीओ भर्ती घोटाले में 7 आरोपी गिरफ्तार

वर्ष 2018 में हुई वीडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारी व समाज कल्याण पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा में धांधली के मामले में भी ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन शिकंजा के तहत इस प्रकरण में 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 6 अभ्यर्थी और 1 निजी कंपनी का कर्मचारी शामिल है। यह मामला थाना विभूतिखंड/एसआईटी में दर्ज है, जिसमें फर्जीवाड़ा, कूटरचना और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराएं लगी हैं।

7.15 करोड़ के गबन का आरोपी गिरफ्तार

केंद्र सरकार व उप्र. सरकार की संयुक्त आईएचएसडीईपी योजना के तहत नगर पंचायत मुशाफिरखाना (अमेठी) में आवास निर्माण में हुए 7.15 करोड़ रुपये के गबन के मामले में भी ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई की है। इस प्रकरण में अभियुक्त राधेश्याम श्रीवास्तव, रेजिडेंट इंजीनियर, को 11 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया।

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