‘सबकी नियत साफ नहीं होती’: लखनऊ पुलिस का धमाकेदार अभियान! 15 दिन तक देंगे साइबर ठगों से बचने की सीख

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट और पीरामल फाइनेंस लिमिटेड की ओर से संयुक्त जन-जागरूकता अभियान “सबकी नियत साफ नहीं होती” नारे के साथ मंगलवार को शुरु किया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों से सतर्क करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया जाएगा।

अभियान का उद्घाटन अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) किरन यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन के साथ साइबर ठगी के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज से सावधान रहें और ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।

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प्रमुख बाजारों व चौराहों पर चलेगा अभियान

एडीसीपी साइबर क्राइम किरण यादव ने बताया कि अभियान 13 जनवरी से अगले 15 दिनों तक लखनऊ के प्रमुख बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के लगभग 40 से 45 स्थानों पर चलाया जाएगा। इसके तहत नुक्कड़ नाटक, सोशल मीडिया कैंपेन, जागरूकता वीडियो, बैनर और पोस्टर के माध्यम से लोगों को फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे खतरों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

जागरूकता की कमी के कारण हो रहे ठगी के शिकार

पुलिस उपायुक्त (अपराध) कमलेश दीक्षित ने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण लोग ठगी का शिकार होते हैं। यह पहल शुरुआती संकेतों को पहचानने और समय पर रिपोर्ट करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके दुरुपयोग से साइबर अपराध बढ़े हैं। ऐसे अभियानों से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा। वहीं, पीरामल फाइनेंस के मुख्य विपणन अधिकारी अरविंद अय्यर ने कहा कि साइबर सुरक्षा साझा जिम्मेदारी है और यह अभियान नागरिकों को सुरक्षित रखने की दिशा में मजबूत कदम है। यह अभियान पहले अहमदाबाद, हैदराबाद और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सफलतापूर्वक चलाया जा चुका है।

 

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