धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर चमकेगा फिरोजाबाद, 'पसीना वाले हनुमान मंदिर' का होगा सौंदर्यीकरण
फिरोजाबाद । उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद फिरोजाबाद में स्थित प्रसिद्ध पसीना वाले हनुमान मंदिर को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। पर्यटन विभाग ने मंदिर के समग्र विकास और सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी प्रदान की है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को कहा कि लगभग 2000 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर के विकास से फिरोजाबाद धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा। यह मंदिर फिरोजाबाद मुख्यालय से कुछ दूरी पर यमुना नदी के तट पर स्थित है और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
पर्यटन विभाग की योजना के अनुसार मंदिर परिसर में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, पर्यटक सूचना केंद्र, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण कर इसे और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा। मंदिर की सबसे खास पहचान यहां स्थापित हनुमान प्रतिमा से साल भर पसीना निकलने की मान्यता है।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि प्रतिमा पर पसीने की बूंदें किसी चमत्कारी संकेत की तरह प्रकट होती हैं। इसी कारण यहां दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि फिरोजाबाद पर्यटन की दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2023 में 4.44 लाख, वर्ष 2024 में 6.48 लाख से अधिक पर्यटक जिले में पहुंचे। वहीं 2025 के जनवरी से जून तक ही 4.06 लाख से अधिक पर्यटक फिरोजाबाद घूमने आए हैं।
अनुमान है कि 2025 के अंत तक पर्यटकों की संख्या सात लाख के पार गई है। उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद अब सिर्फ कांच उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक, ऐतिहासिक और ईको-टूरिज्म के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
जिले में जैन मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर, माता टीला मंदिर जैसे आस्था केंद्रों के साथ-साथ कोटला किला, चंदवार गेट और फिरोजशाह का मकबरा जैसी ऐतिहासिक धरोहरें पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। वहीं रपड़ी ईको स्पॉट और रूरिया स्वरूपपुर को भी ईको पर्यटन के रूप में विकसित किया गया है।
