बाराबंकी जनपद को बनाएं जीरो फेटलिटी डिस्ट्रिक्ट, सड़क सुरक्षा बैठक में बोले डीएम
बाराबंकी, अमृत विचार। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि जनपद को जीरो फेटलिटी डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करने के लिये सतत, समन्वित और प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने समस्त सड़कों की राइट ऑफ वे एवं सड़क की पटरियों की नियमित सफाई, कटाई-छंटाई और अनुरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।
राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ-अयोध्या के दोनों ओर अवैध कट और अतिक्रमण को गंभीर दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बताते हुए इनके विरुद्ध सघन प्रवर्तन अभियान चलाने के भी आदेश दिए गए। बैठक में चिन्हित 29 ब्लैकस्पॉट पर अब तक की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संकेतक, चेतावनी बोर्ड, रेडियम मार्किंग, प्रकाश व्यवस्था और आवश्यक सड़क सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही सफेदाबाद, दादरा, सफदरगंज और भिटरिया में प्रस्तावित अंडरपासों के सभी अभिलेखीय, तकनीकी और औपचारिक कार्य तत्काल पूर्ण कर निर्माण शीघ्र प्रारंभ कराने के भी आदेश दिए गए। पुलिस और परिवहन विभाग को तेज गति, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सघन चेकिंग एवं चालान अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी सहित जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
स्कूल बस चालकों का सत्यापन व फिटनेस जांच जरूरी- डीएम
कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला विद्यालय एवं परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल बस चालकों और हेल्परों का अनिवार्य चरित्र सत्यापन और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संचालित सभी स्कूल बसों की फिटनेस जांच हर हाल में पूरी कराने पर जोर दिया और अनधिकृत रूप से मॉडिफाइड या इलेक्ट्रिक फिटिंग वाले वाहनों के बच्चों के परिवहन में प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया।
जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार स्कूल वाहन संचालित किए जाएं। स्कूल बसों में बच्चों के आने-जाने का समय एक घंटे से अधिक न हो, परिचर की व्यवस्था अनिवार्य हो, और छात्राओं के वाहनों में महिला परिचर की भी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि विद्यालय स्तर पर 'विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति' का गठन किया जाए और सभी स्कूल वाहन मानक अनुरूप संचालन में हों।
मानक अनुरूप नहीं होने पर विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चन्द्र त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी आलोक पाठक, एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला, यातायात प्रभारी रामयतन यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक ओ.पी. त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका संजय शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
