Moradabad: पीली डैम झील एक बार फिर प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार
मुरादाबाद, अमृत विचार। शीतकाल में अमानगढ़ क्षेत्र स्थित पीली डैम झील एक बार फिर प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार है। शांत वातावरण, स्वच्छ जल और स्थिर जलस्तर के चलते यह झील प्रवासी जल पक्षियों के लिए पसंदीदा ठिकाना बनी है। इस बार भी सर्दियों के मौसम में विदेशी पक्षियों के आने से झील के प्राकृतिक सौंदर्य में चार चांद लग गए हैं।
पीली डैम झील में करीब 100 बार-हेडेड गूज (हंस) देखे गए हैं। ये पक्षी साइबेरिया और मंगोलिया जैसे अत्यधिक ठंडे क्षेत्रों से हजारों किलोमीटर की लंबी उड़ान भरकर भारत पहुंचते हैं। वहां तापमान शून्य से नीचे चले जाने के बाद ये पक्षी अपेक्षाकृत गर्म और सुरक्षित स्थानों की तलाश में प्रवास करते हैं। लंबी दूरी तय करने के बाद पीली झील का शांत, खुला और भोजन से भरपूर जल क्षेत्र इनके लिए विश्राम और ऊर्जा संचित करने का उपयुक्त ठिकाना साबित हो रहा है।
बार-हेडेड गूज के साथ-साथ झील में सुरखाब की बड़ी संख्या भी देखी जा रही है। इसके अलावा रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, मल्लार्ड, गार्गेनी और ग्रे-लेग गूज जैसे अन्य प्रवासी जलपक्षी भी यहां डेरा जमाए हुए हैं। सुबह और शाम के समय जब ये पक्षी झील के ऊपर उड़ान भरते हैं तो नजारा बेहद मनमोहक हो जाता है। पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह दृश्य खास आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
झील का शांत पानी, कम मानवीय हस्तक्षेप करता है प्रवासी पक्षियों को आकर्षित
पीली डैम झील का पानी शांत है। यहां कि बेहतर जल गुणवत्ता और कम मानवीय हस्तक्षेप प्रवासी पक्षियों को अपनी ओर खींचता है। शीतकाल में यहां का वातावरण इनके लिए पूरी तरह अनुकूल रहता है। जलवायु में अस्थिर बदलाव व ग्लोबल वार्मिंग से देर से पहुंचे हैं पक्षी
अमानगढ़ रेंज की क्षेत्रीय वनाधिकारी अंकिता किशोर का मानना है कि जलवायु में अस्थिर बदलाव और ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव के कारण इस बार विदेशी पक्षी अपेक्षाकृत देर से अमानगढ़ के वेटलैंड और पीली डैम पहुंचे हैं। प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग पूरी तरह अलर्ट है। कर्मचारी वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा के लिए पूरी तरह सजग और तत्पर हैं। संवेदनशील इलाकों में समय-समय पर संयुक्त रूप से विशेष गश्त भी की जा रही है।
वन संरक्षक रमेश चंद्र ने बताया कि पीली डैम झील का शांत पानी, बेहतर जल गुणवत्ता और कम मानवीय हस्तक्षेप इसे प्रवासी पक्षियों के लिए आदर्श शीतकालीन आश्रय बनाता है। इस कारण हर साल यहां पक्षियों की संख्या बढ़ रही है। प्रवासी पक्षियों की बढ़ती संख्या झील के स्वस्थ पर्यावरण और संतुलित पारिस्थितिकीय तंत्र का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।
