Bareilly : किला और नकटिया नदियों का संरक्षण बैठकों तक सीमित

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Published By Pradeep Kumar
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जिला पर्यावरण जिला गंगा समिति की बैठकों में कई बार दोनों नदियों के मामले उठे

बरेली, अमृत विचार। शहरी क्षेत्र में होने के बावजूद किला और नकटिया नदियों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है। ये नदियां अतिक्रमण की भेंट चढ़ गयी हैं। सीवरेज, कूड़ा-करकट डालने से पानी दूषित हो गया है। कच्चा-पक्का अतिक्रमण होने की वजह से नदियां सिकुड़ गयी हैं। दोनों नदियों के संरक्षण के लिए जिला पर्यावरण और जिला गंगा समिति की बैठकों में इन दोनों नदियों का संरक्षण दो बार से लगातार गूंज रहा है लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई है। नगर निगम ने बैठकों में यह दावा किया कि किला नदी को दूषित करने वालों को नोटिस दिए गए, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। नकटिया नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए दो माह पहले तहसील सदर की टीम गठित हो गयी, लेकिन राजस्व टीम ने अतिक्रमण से कराह रही नकटिया नदी को मुक्त कराना तो दूर पैमाइश तक नहीं की है।

कलेक्ट्रेट सभागार में बीते साल 26 नवंबर को डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में हुई जिला पर्यावरण समिति की बैठक के जारी हुए मिनट्स पर बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार लांबा ने प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि गंगा नदी के कैचमेंट एरिया में चिन्हित 86 ड्रेंस को क्लीन किया जाना है। जनपद में खंड के नियंत्रण में दो ड्रेंस नकटिया और देवरनियां आते हैं। धन आवंटन के अनुसार आवश्यकता के अनुरूप 73 किमी लंबाई में सफाई का कार्य कराया जा चुका है। नकटिया नदी के किनारे शहरी क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा है। उसकी जांच के लिए उप जिलाधिकारी सदर प्रमाेद कुमार ने अतिक्रमण से संबंधित जांच करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की। गठित समिति को निर्देश दिये कि उपजिलाधिकारी सदर से समन्वय स्थापित कर प्रकरण की स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच कर जांच के समय स्थल पर उपस्थित होकर आख्या शीघ्र प्रस्तुत करें।

सहायक अभियंता ने उप जिलाधिकारी सदर से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर वार्ता की। नायब तहसीलदार विदित कुमार ने फोन से अवगत कराया कि जब स्थलीय निरीक्षण या जांच कराई जायेगी तो बाढ़ खंड के अधिकारियों को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिये जाएंगे। इसके बाद 27 दिसंबर को जिला पर्यावरण समिति की बैठक फिर हुई। इसमें भी डीएम ने किला और नकटिया नदी को संरक्षित करने के साथ अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक इन नदियों को लेकर किसी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

नगर निगम के पर्यावरण अभियंता ने बैठक में डीएम को बताया था कि किला नदी को दूषित करने वालों को नोटिस दिए हैं, लेकिन नोटिस के बाद क्या कार्रवाई की गई, इस बारे में चुप्पी साध ली गई। इधर, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि किला नदी को दूषित होने से बचाने की कवायद चल रही है। काफी हद तक नोटिसों का निस्तारण हो चुका है।

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