पंखे की खोज
दुनिया का पहला बिजली पंखा अमेरिकी इंजीनियर और आविष्कारक शूयलर स्काट व्हीलर ने 1886 में बनाया था। 1882 में व्हीलर को बिजली की क्षमता का अहसास हुआ। उनके द्वारा विकसित पहले बिजली के पंखे में केवल दो ब्लेड थे, इसमें एक बेहद खतरनाक खुली मोटर का उपयोग किया गया था। ये पंखा तब डायरेक्ट करंट (डीसी) से चलता था। इसे पीतल का बनाया गया था। इसे तब “बज फैन” के नाम से जाना जाता था। संयुक्त राज्य अमेरिका पेटेंट कार्यालय ने 1885-86 को आधिकारिक तौर पर उनके आविष्कार को मंजूरी दी थी।
स्काट व्हीलर का ये पंखा बहुत तेजी से लोकप्रिय हुआ था। जल्द ही अमेरिकी इलेक्ट्रिक मोटर कंपनी क्रॉकर एंड कर्टिस इसे बेचने लगी थी। इसी तकनीक के आधार पर फिर सीलिंग फैन और कई तरह के फैन बनाए गए थे। वहीं काफी हद तक एयर कंडीशनर का आविष्कार भी इसी पंखे को आधार बनाकर किया गया था।
बता दें कि 1890 के दशक में डीसी बिजली सप्लाई की जगह एसी बिजली की सप्लाई घरों में पहुंचने लगी थी। तब ये बिजली के पंखे और कॉमन हो गए थे। 1800 के दशक के अंत से पहले बहुत अधिक गर्म होना एक रोजमर्रा की समस्या थी।

वैज्ञानिक परिचय
शूयलर स्कॉट व्हीलर
शूयलर स्कॉट व्हीलर का जन्म 17 मई 1860 को हुआ। उन्हें आधुनिक इलेक्ट्रिक पंखे के आविष्कारक के रूप में जाना जाता है। वर्ष 1882 में उन्होंने पहला व्यावहारिक इलेक्ट्रिक फैन विकसित किया। वे American Institute of Electrical Engineers (AIEE) के संस्थापक सदस्यों में से एक थे, जो आगे चलकर IEEE बना। 20 अप्रैल 1923 को व्हीलर का निधन हो गया।
