Bareilly : रात में काम, दिन में तबाही ने डुबोया श्यामगंज का कारोबार
पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू होने के बाद अब साहू गोपीनाथ तक हर कदम पर खतरा
बरेली, अमृत विचार। श्यामगंज की गल्ला मंडी इन दिनों बदहाली की तस्वीर बन चुकी है। पेयजल पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि पैदल चलना तक जोखिम भरा हो गया है। ऊबड़-खाबड़ सड़क, फैला मलबा और अधूरा काम लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। वैसे ही व्यस्त रहने वाली इस गल्ला मंडी में बीच सड़क पर खड़े वाहन, ठेले और ग्राहकों की भीड़ हालात को और बिगाड़ रही है। आए दिन जाम लग रहा है, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों के बीच कहा-सुनी आम हो गई है। वाहन चालकों को हर कदम पर संतुलन साधना पड़ रहा है, जबकि बुजुर्ग, महिलाएं और सामान लेकर चलने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
दरअसल, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद नगर निगम के जलकल विभाग ने पिछले सप्ताह श्यामगंज फ्लाईओवर से साहू गोपीनाथ स्कूल तक पुरानी पेयजल पाइपलाइन हटाकर नई लाइन बिछाने का काम शुरू किया है। काम भले ही रात में किया जा रहा हो, लेकिन दिन में सड़क पर हालत बेहद ही खराब रहते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइप लाइन डालने के बाद न तो सड़क को ठीक से समतल किया गया और न ही मलबा पूरी तरह हटाया गया। जगह-जगह खुदी सड़क और अधूरा काम दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है, लेकिन संबंधित विभाग की निगरानी नाकाफी साबित हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि पेयजल लाइन बदलने का उद्देश्य सही है, लेकिन गल्ला मंडी जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के सड़क खोद देना भारी भूल है। ट्रक और लोडिंग वाहन मंडी के अंदर तक नहीं पहुंच पा रहे, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। आरोप है कि कई स्थानों पर काम अधूरा छोड़ दिया गया है और कोई जिम्मेदार सुनने को तैयार नहीं। अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत और व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
सड़क ऊबड़-खाबड़ होने की वजह से चलना मुश्किल हो गया। सुबह से शाम तक कई बार जाम लगता है। आलम यह है कि अब तो ग्राहक भी आने से कतराने लगे हैं। श्यामगंज गल्ला मंडी में पहले भी भीड़ रहती थी, अब सड़क की हालत ने हालात और खराब कर दिए हैं। -गुलशन सब्बरवाल, अध्यक्ष, बरेली किराना कमेटी।
एक सप्ताह में काम पूरा करने का दावा किया गया था। दूसरा सप्ताह भी निकलने वाला हैं। पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क की दुर्दशा हो गई है। व्यापारियों को माल उतारने में दिक्कत हो रही है। रोज का कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। -त्रिलोकी नाथ गुप्ता, व्यापारी।
सड़क ऊबड़-खाबड़ होने की वजह से निकलना मुश्किल हो गया है। कारोबार के सिलसिले में रोज इसी रास्ते से निकलता हूं, लेकिन अब हर कदम संभलकर रखना पड़ता है। ऐसा लगता है जैसे सड़क नहीं, कोई निर्माणाधीन साइट हो। कब ठीक होगी, किसी को पता नहीं। - दीपक, राहगीर।
इन दिनों व्यापारी, ग्राहक और राहगीर सभी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। सड़क ऊबड़ खाबड़ होने की वजह से दिन में कई बार जाम की स्थिति बनती है। व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर जल्द ही काम पूरा नहीं हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। -प्रतुल अग्रवाल, व्यापारी।
सड़क के जिस हिस्से में पाइप लाइन बिछती जा रही है, वहां पर मिट्टी का पटान भी कराया जा रहा है। व्यापारियों और राहगीरों की सहूलियत को देखते हुए काम रात के समय में कराया जा रहा है। पूरी पाइन लाइन बिछने के बाद लीकेज को लेकर टेस्टिंग होगी। एक सप्ताह में काम पूरा होने की संभावना है। -मनोज, महाप्रबंधक, जलकल विभाग, नगर निगम।
